Anti Paper Leak Bill: नया कानून नहीं गारंटी चाहिए, कानून तो टूटने के लिए ही बनता है, संजय राउत का बयान

Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश होने पर संजय राउत ने एनडीए सरकार को घेरा। कहा, नया कानून नहीं, गारंटी चाहिए कि आने वाले वक्त में पेपर लीक नहीं होगा।
Sanjay Raut On Anti Paper Leak Bill
संजय राउत (फोटो क्रेडिट-X)
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Sanjay Raut On Anti Paper Leak Bill: देश भर में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शून्यकाल के दौरान विपक्ष के भारी हंगामे के बीच 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026' सदन के पटल पर रखा।

हालांकि, इस नए विधेयक के सामने आते ही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सजा बढ़ाने से पेपर लीक नहीं रुकेगा

संजय राउत ने नए कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विधेयक में कोई नई बात नहीं है, केवल सजा और जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा, "पहले एक साल की सजा थी, अब उसे बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है। पहले 1 करोड़ का जुर्माना था, जिसे अब दस करोड़ कर दिया गया है। लेकिन कानून तो टूटने के लिए ही बनते हैं; देश के युवाओं को नए कानूनों की नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था की गारंटी चाहिए।"

राउत ने आरोप लगाया कि देश में कानून का राज खत्म हो चुका है और हर व्यवस्था बेईमानी के सहारे चलाई जा रही है।

एंटी-डिफेक्शन लॉ का दिया हवाला; RSS पर साधा निशाना

उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने दल-बदल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए सरकार पर गैर-कानूनी तरीके से पार्टियों और विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब देश में कठोर एंटी-डिफेक्शन लॉ होने के बावजूद चुनी हुई सरकारों और दलों को तोड़ा जा सकता है, तो फिर महज कानून बनाकर पेपर लीक को कैसे रोका जा सकता है।

संजय राउत ने आगे निशाना साधते हुए कहा कि जब तक शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोग बैठे रहेंगे, तब तक मोदी सरकार में पेपर लीक की घटनाएं बंद नहीं हो सकतीं।

लोकसभा में भारी नारेबाजी और 5 बजे तक स्थगन

एंटी पेपर लीक बिल पेश किए जाने के दौरान लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ गृह मंत्री अमित शाह से जवाब और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा था।

सदन में लगातार बढ़ते हंगामे और तख्तियां दिखाए जाने के कारण अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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