यह रास्ता हमारे बेटे के लिए नहीं…क्या पिता की इस दो टूक के बाद भी राजनीति में कदम रखेंगे अभिजीत दिपके?
CJP Politics Entry Speculation: सीजेपी आंदोलन के बाद अभिजीत दिपके की राजनीति में एंट्री की अटकलों के बीच उनके पिता ने कहा कि राजनीति उनके बेटे के लिए सही रास्ता नहीं है। अंतिम फैसला अभिजीत खुद लेंगे।
- Written By: अंकिता पटेल
अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके की मीडिया से बातचीत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sambhajinagar Abhijeet Dipke Political Entry: देशभर में चर्चा का विषय बने सीजेपी आंदोलन के प्रमुख अभिजीत दिपके के राजनीति में प्रवेश को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि अभिजीत के पिता भगवान दिपके ने ‘नवभारत’ से बातचीत में साफ कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनका बेटा राजनीति में जाए। उनका कहना है कि राजनीति उनके बेटे के लिए सही रास्ता नहीं है।
भगवान दिपके ने कहा कि राजनीति हमारे लिए नहीं है। राजनीति में जाने के बाद ईमानदार व्यक्ति भी कई बार भ्रष्ट हो जाता है और उसे झूठ बोलना पड़ता है, इसलिए हमारी ओर से उसे राजनीति में जाने की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय अभिजीत का ही होगा और वह अपना फैसला लेने में सक्षम है। छत्रपति संभाजीनगर के वालुज महानगर निवासी अभिजीत दिपके ने करीब डेढ़ महीने पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की थी।
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देखते ही देखते युवाओं का बड़ा समर्थन मिलने लगा और वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को बड़ा राजनीतिक दबाव झेलना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
कई आंदोलनकारी बने नेता
देश के राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई उदाहरण है, जहां आंदोलन से जुड़े लोग बाद में राजनीति में आए। अन्ना हजारे के लोकपाल आंदोलन से जुड़े अरविंद केजरीवाल आगे चलकर दिल्ली के मुख्यमंत्री वहीं मराठा आरक्षण आंदोलन से मनोज जरांगे पाटिल एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे, छात्र आंदोलन से जुड़े कन्हैया कुमार भी बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। बने।
3-4 दिन में लौटेंगे घर, होगा स्वागत
अभिजीत दिपके के आंदोलन के दौरान उसके माता-पिता भगवान दिपके और अनिता दिपके उससे मिलने दिल्ली जाना चाहते थे लेकिन अभिजीत ने उन्हें आने से मना कर दिया था। भगवान दिपके ने बताया कि हम चिता के कारण 2-3 बार दिल्ली जाने की तैयारी कर चुके थे।
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एयरपोर्ट तक भी पहुंच गए थे लेकिन अभिजीत ने मना कर दिया और वापस लौटने को कहा, उन्होंने बताया कि अभिजीत अगले 3-4 दिनों में छत्रपति संभाजीनगर लौटने वाला है। उसके स्वागत की तैयारी घर में शुरू हो गई है।
-नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से दिनेश गुप्ता की रिपोर्ट
