BJP के चक्रव्यूह में शरद पवार की NCP! देर रात देवेंद्र फडणवीस से क्यों मिले जयंत पाटिल?
Devendra Fadnavis Jayant Patil Meeting: मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास 'वर्षा' पर देर रात जयंत पाटिल की गुप्त बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है।
- Written By: अनिल सिंह
फडणवीस से मिले जयंत पाटिल (फोटो क्रेडिट-X)
Jayant Patil Sharad Pawar NCP Crisis: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी उठापटक और बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। बुधवार 15 जुलाई की देर रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के दिग्गज नेता जयंत पाटिल अचानक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पहुंचे।
इस अचानक हुई मुलाकात के पीछे दिल्ली की बड़ी राजनीतिक बिसात को मुख्य वजह माना जा रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के दावों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आगामी मानसून सत्र में 131वां संविधान संशोधन विधेयक वापस लाने की तैयारी कर रही है, जो अप्रैल 2026 के पिछले सत्र में पारित नहीं हो सका था।
BJP के आंकड़ों का खेल
इस विधेयक को पारित कराने के लिए बीजेपी को संसद में जरूरी आंकड़ों की आवश्यकता है, जिसके लिए वह एनसीपी (एसपी) और डीएमके जैसे दलों को साधने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि महिला आरक्षण के नाम पर लाए जा रहे इस विधेयक का असली मकसद लोकसभा सीटों के नए परिसीमन और सीमाओं में हेरफेर का रास्ता साफ करना है।
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शरद पवार गुट के भीतर राजनीतिक संकट
इस बेहद गोपनीय और बंद कमरे में हुई बैठक ने राज्य की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बैठक में जयंत पाटिल के साथ-साथ एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद थे। तीनों नेताओं की मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ काफी लंबी चर्चा हुई, जिसने शरद पवार गुट के भीतर एक नए राजनीतिक संकट की ओर इशारा कर दिया है।
शरद पवार गुट के विधायकों और सांसदों पर टूटने का खतरा
इस सीक्रेट मीटिंग के पीछे केवल केंद्रीय राजनीति नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के भीतर शरद पवार की पार्टी का अंदरूनी संकट भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार गुट के कुल 10 विधायकों में से अधिकांश विधायक इस समय सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के पक्ष में हैं।
विधायकों ने विकास कार्यों के लिए फंड (काम) न मिलने और प्रशासनिक देरी को लेकर जयंत पाटिल के सामने अपनी गंभीर चिंता जताई थी। पार्टी के पास वर्तमान में 10 विधायक और 8 सांसद हैं, जिन पर शिवसेना (उद्धव गुट) की तरह ही पाला बदलने का खतरा मंडरा रहा है।
सिल्वर ओक से वर्षा बंगले तक की दौड़; सस्पेंस बरकरार
पॉलिटिकल कॉरिडोर में मची इस हलचल के बीच यह भी सामने आया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने से ठीक पहले जयंत पाटिल ने दक्षिण मुंबई स्थित ‘सिल्वर ओक’ जाकर पार्टी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि पाटिल ने विधायकों की नाराजगी और उनकी समस्याओं से शरद पवार को अवगत कराया था और उसके तुरंत बाद वे ‘वर्षा’ बंगले के लिए रवाना हुए।
हालांकि, दोनों ही पक्षों की ओर से इस देर रात हुई बैठक को लेकर अब तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है, जिससे महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है।
