Maharashtra: दिल्ली में शरद पवार से अजित-रोहित की मुलाकात, महाराष्ट्र राजनीति में हलचल
दिल्ली में Ajit Pawar और Rohit Pawar ने शरद पवार से मुलाकात की, वहीं प्रफुल पटेल ने पीएम मोदी से भेंट की। दो घटनाओं के साथ होने से महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
अजित पवार और शरद पवार (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: दिल्ली में दो ऐसी राजनीतिक घटनाएं हुई हैं जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में नए सिरे से हलचल उत्पन्न कर दी है। इनमें से एक घटना शरद पवार के दिल्ली स्थित घर की है, जहां पर उनके भतीजे अजित पवार और उनके पोते रोहित पवार उनसे मिलने एक साथ पहुंचे।
दूसरी घटना भी दिल्ली की ही है। एनसीपी अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ये दोनों घटनाएं एक साथ हुईं। इस वजह से महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक से हलचल तेज हो गई।
इसे एक वर्ग ने पवार परिवार में सुलह और स्थानीय निकाय चुनाव से पहले महाराष्ट्र में नए समीकरण के रूप में भी देखने का कार्य किया। इसकी वजह से ये दोनों घटनाएं राजनीतिक रूप से काफी बड़ी नजर आने लगी हैं।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: किसान दुर्घटना सुरक्षा योजना 3 साल बढ़ी, 4 शहरों में नए सत्र न्यायालय
शिवसेना नाम और धनुष-बाण चिह्न विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई, सिब्बल ने मांगा था समय
मुंबई, पुणे और नागपुर को मिलेगा रफ्तार का नया पंख, राज्य में 2.80 लाख करोड़ की मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम
बदनाम हुए तो क्या हुआ नाम तो हुआ… फडणवीस का कांग्रेस पर करारा प्रहार, गुंगी गुड़िया विवाद पर सपकाल को धोया
रहस्य और उत्सुकता बरकरार
हालांकि इस पर पवार परिवार और प्रफुल पटेल की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई। इसलिए इन घटनाओं को लेकर रहस्य और उत्सुकता लगातार बनी हुई है। पहली घटना शरद पवार के दिल्ली स्थित सरकारी आवास की है।
यहां पर अजित और रोहित एक साथ एक ही कार में पहुंचे। पवार परिवार में सबसे अधिक खीचतान अजित और रोहित के बीच ही है। ऐसे में दोनों का साथ आना और शरद पवार से मिलना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही है।
बड़े मुद्दे पर बातचीत के कयास
अजित से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनके बेटे की शादी थी। इसके अलावा शरद पवार का जन्मदिन भी था। इस वजह से समस्त पवार परिवार उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंचा था। उनके घर पर एक रात्रि भोज भी था, जिसमें अन्य मेहमान भी आए हुए थे।
ऐसे में इस मुलाकात को पवार और अजित गुट के बीच एकीकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, हालांकि जिस तरह से अजित और रोहित एक साथ पहुंचे थे, उसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि यह मात्र जन्मदिन की बधाई देने या फिर अजित के बेटे की शादी से संबंधित मुलाकात नहीं थी।
ये भी पढ़ें :- Mumbai: लोकायुक्त कानून पर नाराज़ अन्ना हजारे, 30 जनवरी 2026 से आमरण अनशन की चेतावनी
ये दोनों ही एक ही कार में आए थे। इससे यह साफ हो जाता है कि उनके बीच किसी अन्य बड़े मुद्दे पर भी बात हुई होगी, जो समस्त पवार परिवार के राजनीतिक रूप से एक साथ आने का मामला भी हो सकता है।
