रिंग रोड भूसंपादन विवाद गहराया, किसान लामबंद, अधिकारियों पर मारपीट का आरोप
Nashik Farmers Protest: नासिक में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना को लेकर भूसंपादन विवाद गहराता जा रहा है, जहां किसानों के विरोध, कथित मारपीट के आरोप, एनजीटी की रोक व मानसून के चलते प्रशासन की चुनौती है।
- Written By: आंचल लोखंडे
land acquisition dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Ring Road Project: सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर प्रस्तावित 66.15 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड के लिए शुरू की गई भूसंपादन प्रक्रिया को स्थानीय किसानों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को मातोरी और मुंगसरा में जमीन की पैमाइश (मोजणी) करने पहुंचे अधिकारियों और पुलिस द्वारा किसानों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासन के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ गया है। वर्तमान में प्रशासन तिहरे संकट में घिर गया है।
एनजीटी की रोक और बारिश से प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
एक ओर रिंग रोड का कड़ा विरोध और मारपीट के आरोप लग रहे हैं, दूसरी ओर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने वृक्षों की कटाई पर रोक लगा दी है, और तीसरी ओर मानसून की दस्तक ने निर्माण कार्यों की समय सीमा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। शहर में बढ़ती भीड़ और कुंभ मेले के दौरान सुलभ आवागमन के लिए 366 हेक्टेयर जमीन पर यह रिंग रोड प्रस्तावित है। इसके बनने से भारी वाहनों को शहर के बाहर से मोड़ा जा सकेगा, जिससे नासिक की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। 31 अक्टूबर 2026 को कुंभ मेले का औपचारिक शुभारंभ होना है, जिससे पहले प्रशासन पुल, घाट और सड़कों का काम पूरा करना चाहता है।
कानूनी और प्राकृतिक चुनौतियां
NGT ने 19 जून तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि पेड़ों को हटाए बिना सड़क का एलाइनमेंट संभव नहीं है। यदि 19 जून को रोक हटती भी है, तो मानसून सक्रिय होने के कारण सितंबर तक खुदाई और डामरीकरण का काम असंभव हो जाएगा। ऐसे में मार्च 2027 तक कार्य पूर्ण करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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आज बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई
प्रशासन का दावा है कि 25 में से 19 गांवों में पैमाइश पूरी हो चुकी है। हालांकि, चार गांवों के किसान इस परियोजना के खिलाफ अदालत पहुंच गए हैं, जिस पर आज सोमवार 4 मई को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। किसानों की मांग है कि सड़क का एलाइनमेंट बदला जाए क्योंकि इससे उनके घर और बंगले प्रभावित हो रहे हैं।
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जिलाधिकारी कार्यालय पर आज ‘ठिय्या’ आंदोलन
मातोरी और मुंगसरा में किसानों के साथ हुई मारपीट के विरोध में आज सोमवार को किसान जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष ‘ठिय्या’ (धरना) आंदोलन करेंगे। आंदोलनकारी किसान उपविभागीय अधिकारी पवन दत्ता के निलंबन और जबरन भूसंपादन रोकने की मांग पर अड़े हुए हैं।
