चुनाव आयोग यानी बीजेपी का हेड ऑफिस? संजय राउत ने संस्थाओं की साख पर उठाए सवाल
Sanjay Raut vs Devendra Fadnavis: संजय राउत ने देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल को 'उडता महाराष्ट्र' करार दिया। महिला आरक्षण विधेयक के गिरने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए कड़े सवाल।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय राउत व देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Raut vs Devendra Fadnavis News: मुख्यमंत्री को विपक्ष का निषेध करने के बजाय खुद का निषेध करना चाहिए। राउत ने याद दिलाया कि 2023 में जब यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ था और राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए थे, तब फडणवीस ने इसका श्रेय लिया था। अब विधेयक के गिरने पर राउत ने उनसे माफी की मांग करते हुए कहा, “इन लोगों को झूठ बोलने की राष्ट्रीय बीमारी हो गई है।”
उडता महाराष्ट्र और ड्रग्स का बढ़ता जाल
महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों (Drugs) की बढ़ती तस्करी पर चिंता जताते हुए राउत ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में मुंबई और महाराष्ट्र की स्थिति ‘उडता पंजाब’ जैसी हो गई है। हमारी राजधानी अब ‘ड्रग्स कैपिटल’ बन चुकी है। उन्होंने सरकार के ‘नारी वंदन’ कार्यक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि अगर आप वास्तव में माताओं-बहनों का भला चाहते हैं, तो बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें।
आयोग बीजेपी का पदाधिकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर आचारसंहिता उल्लंघन के आरोपों के बीच राउत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बड़े सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी का ‘हस्तक’ (कठपुतली) करार देते हुए कहा कि”हमें चुनाव आयोग से कोई उम्मीद नहीं है। चुनाव आयोग यानी बीजेपी का पदाधिकारी। यह संस्था संविधान और लोकतंत्र को फांसी पर लटका रही है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और आयोग के अन्य सदस्यों की निष्पक्षता को संदिग्ध बताया।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में बाल कटवाना और दाढ़ी बनवाना हुआ महंगा, 20% बढ़े दाम, जानें सैलून के नए रेट्स
यवतमाल: रेलवे कर्मियों के 952 जर्जर मकानों वाली जमीन अधिग्रहण की तैयारी
मुंबई के ऐतिहासिक जिमखानों पर सरकारी शिकंजा! लीज रिन्यूअल के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तैयार की सख्त शर्तें
चंद्रपुर में बढ़ते उद्योगों से ट्रैफिक संकट की आशंका, MIDC एसोसिएशन ने दिया नया विकास मॉडल
यह भी पढ़ें: बारामती उपचुनाव से पहले सुनेत्रा पवार को बड़ा झटका! सांगली में 35 नेताओं ने छोड़ी पार्टी, जानें क्या है कारण
झूठ बोलना अब सरकारी नीति
संजय राउत ने सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री तक, सभी केवल झूठ का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर जो ‘मिस कॉल’ अभियान चलाया गया, वह केवल जनता को गुमराह करने का एक तरीका था।
