

Sangli NCP 35 Leaders Resign News: महाराष्ट्र की पुणे जिले बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले सुनेत्रा पवार की NCP को एक जबरदस्त झटका लगा है। सांगली जिले के लगभग 35 वरिष्ठ और सक्रिय स्थानीय नेताओं ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने सांगली महानगरपालिका के NCP के गुटनेता पर मैनुद्दीन बागवान पर गंभीर आरोप लगाए है।
सांगली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। महानगरपालिका में स्वीकृत नगरसेवक चयन को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। नाराजगी इतनी बढ़ गई कि एक साथ 35 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश स्तर से दिगंबर जाधव और स्नेहल सावंत के नाम आधिकारिक रूप से भेजे गए थे। लेकिन आरोप है कि गुट नेता मैनुद्दीन बागवान ने इस सूची में बदलाव करते हुए दिगंबर जाधव का नाम हटाकर अशोक मासाल का नाम शामिल कर दिया। इस फैसले से नाराज होकर 35 पदाधिकारियों ने शहर अध्यक्ष जगदाले को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया।
NCP के वरिष्ठ नेता दिगंबर जाधव ने सांगली मनपा में पार्टी के गुटनेता मैनुद्दीन बागवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि स्वीकृत सदस्य पद के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन हुआ है। जाधव का कहना है कि उनके नाम के लिए पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रदेश कार्यालय से सिफारिश की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक कारणों से मेरा नाम काटा गया।
जिन अशोक मासाल को मौका दिया गया, उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। जाधव के मुताबिक, मासाल का पार्टी से कोई पुराना संबंध नहीं है और उन्होंने अन्य दलों में भी आवेदन किया था। इससे पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई है।
इस पूरे मामले को लेकर दिगंबर जाधव ने अब वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने का फैसला किया है। यह मामला Sunil Tatkare, Sunetra Pawar और Parth Pawar तक पहुंच सकता है। इस मामले को लेकर दोनों जिला अध्यक्षों, नेता संजयकाका पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज की जाएगी। जाधव ने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के लिए गुट के नेताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। चयन प्रक्रिया से ठीक पहले NCP के भीतर गुटबाजी और साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों के सामने आने के बाद, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी आलाकमान क्या रुख अपनाता है।