Sanjay Raut Baramati Bypoll Statement (डिजाइन फोटो)
Sanjay Raut On Baramati Bypoll: महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति के बीच जंग को और तेज कर दिया है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, अपने दिवंगत पति अजित पवार की विरासत को संभालने के लिए चुनावी मैदान में हैं। जहाँ भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन इस चुनाव को ‘निर्विरोध’ कराने की परंपरा का हवाला दे रहे थे, वहीं शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने साफ कर दिया है कि उनका गुट कांग्रेस उम्मीदवार को रोकने के पक्ष में नहीं है।
संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बारामती के राजनीतिक इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि यह क्षेत्र हमेशा से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शरद पवार का गढ़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अजित पवार भी मूल रूप से शरद पवार के ही उम्मीदवार थे, जो बाद में भाजपा के साथ चले गए थे। अब उनके निधन के बाद उनकी पत्नी चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन लोकतंत्र में विपक्ष को अपना उम्मीदवार उतारने का पूरा अधिकार है।”
Mumbai, Maharashtra: On Deputy Chief Minister Sunetra Pawar, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, “We will not oppose the Congress. Wherever the Nationalist Congress Party has a presence, it has traditionally been Sharad Pawar’s party that contests elections. Ajit Pawar was also… pic.twitter.com/19kZT561Da — IANS (@ians_india) April 6, 2026
राउत ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया कि सुनेत्रा पवार ने खुद उद्धव ठाकरे को फोन कर समर्थन या निर्विरोध चुनाव के लिए चर्चा की थी। हालांकि, राउत के बयान से स्पष्ट है कि यह बातचीत सफल नहीं रही। उन्होंने कहा, “वहाँ हमारा (शिवसेना UBT) कोई उम्मीदवार नहीं है। अगर शरद पवार साहब की पार्टी वहां चुनाव नहीं लड़ रही है और कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम कांग्रेस को पीछे हटने के लिए नहीं कहेंगे।”
संजय राउत का यह बयान कांग्रेस उम्मीदवार आकाश विजयराव मोरे के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। राउत ने तर्क दिया कि चूंकि आज से चुनाव प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है, इसलिए रणनीतिक फैसले लेने का समय निकल चुका है। उन्होंने महायुति के ‘परंपरा’ वाले तर्क को खारिज करते हुए संकेत दिया कि राजनीति में अब संवेदनाओं से ज्यादा सिद्धांतों और दलीय हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। राउत के इस रुख ने साफ कर दिया है कि शिवसेना (UBT) बारामती में कांग्रेस के साथ खड़ी नजर आएगी।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी जानबूझकर अजित पवार की यादों का अपमान कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी खेमे का मानना है कि उपचुनाव को निर्विरोध छोड़ना सत्ता पक्ष को वाकओवर देने जैसा होगा। बारामती में सुनेत्रा पवार और आकाश मोरे के बीच होने वाला यह मुकाबला अब केवल स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस की एकजुटता की एक बड़ी परीक्षा बन गया है। संजय राउत के इस ‘ग्रीन सिग्नल’ के बाद अब बारामती का चुनावी रण पूरी तरह सज चुका है।