Sanjay Raut Statement On Iran Israel War (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut Statement On Iran Israel War: शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बार फिर केंद्र सरकार की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष और ईरान पर हो रहे हमलों को लेकर राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरी दुनिया और खाड़ी देश इस संकट पर अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं, तब भारत की चुप्पी रहस्यमयी और चिंताजनक है।
राउत ने चेतावनी दी कि यह युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा और घातक असर भारत के आम नागरिकों और पर्यावरण पर पड़ने वाला है।
संजय राउत ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान पर हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से उठा जहरीला धुआं भारत के लिए काल बन सकता है। उन्होंने कहा, “ईरान के आसमान पर छाए काले बादल भारत पर कहर ढा सकते हैं। डब्ल्यूएचओ (WHO) की चेतावनी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि यह धुआं जानलेवा गैसों से भरा है, जो हवा के रुख के साथ गुजरात, राजस्थान और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों में तबाही मचा सकता है।” उनके अनुसार, युद्ध भले ही दूर हो रहा हो, लेकिन इसका खामियाजा भारतीय मानवता को भुगतना पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि एक तरफ पाकिस्तान इस युद्ध में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसका स्वागत कर रहे हैं, वहीं भारत को ‘खामोश’ रहने का आदेश दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा लगता है जैसे ट्रंप तय कर रहे हैं कि पीएम मोदी केरल में प्रचार करेंगे या बंगाल में, लेकिन युद्ध पर बोलने की इजाजत नहीं है।” राउत ने सवाल उठाया कि खाड़ी देशों में भारतीयों की नौकरियां जा रही हैं और लोग मर रहे हैं, फिर भी सरकार चुप क्यों है?
पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में अशांति फैलाने के पीछे बीजेपी समर्थक वर्गों का हाथ है। राउत ने कहा, “ममता बनर्जी अगर कुछ कह रही हैं, तो उसमें सच्चाई है। स्थिति गंभीर है और सरकार को इस पर राजनीति करने के बजाय जमीनी हकीकत को देखना चाहिए।” राउत के इस बयान ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली और बंगाल तक की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।