

Maharashtra crime news: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मामूली जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक 65 वर्षीय महिला की जान चली गई। यह घटना सावंतवाड़ी तालुका के ओवलीये-मधलीवाड़ी गांव की है, जहां लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद ने एक भयावह मोड़ ले लिया।
मृतक महिला की पहचान सरस्वती सावंत के रूप में हुई है। वह अपने बेटे एकनाथ सावंत के साथ खेत में काम करने गई थीं, तभी पड़ोसी विजय कृष्णा सावंत और उनका बेटा रघुनाथ विजय सावंत वहां पहुंचे। जमीन को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते इतना बढ़ गई कि मामला हिंसा तक पहुंच गया और महिला पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि सावंत परिवार के दो गुटों के बीच कई वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद पहले भी कई बार झगड़े का कारण बन चुका था, लेकिन इस बार स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आरोपी पक्ष का दावा था कि जिस जमीन पर महिला काम कर रही थी, वह उनकी है, जिससे विवाद और भड़क गया।
गुस्से में आकर आरोपी पिता-पुत्र ने अपने साथ लाए कोयते से सरस्वती सावंत पर हमला कर दिया। उनके सिर पर जोरदार वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। घायल अवस्था में महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही सावंतवाड़ी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना पूरी तरह से जमीन विवाद का परिणाम थी। गांव में इस घटना के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसा का रूप ले लेते हैं। ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े विवाद अक्सर गंभीर रूप धारण कर लेते हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित होता है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह जरूरी है कि ऐसे मामलों को समय रहते सुलझाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।