जिनको कुत्ता नहीं पूछता और भाड़े के टट्टू, सीएम फडणवीस की भाषा पर फूटा संजय राउत का गुस्सा, किया पलटवार
Sanjay Raut Slams Devendra Fadnavis Missing Link Project: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक परियोजना में भूस्खलन और फडणवीस के बयान पर संजय राउत का पलटवार।
- Written By: अनिल सिंह
Sanjay Raut Devendra Fadnavis Clash: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर महत्वाकांक्षी ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के तहत बनी नई सड़क पर दो दिन पहले हुए भूस्खलन ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। 7 हजार करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट में पहली ही बारिश के बाद आई तकनीकी खराबी को लेकर विपक्ष ने सरकार को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा किया है।
इस आलोचना और सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विरोधियों पर बेहद आक्रामक टिप्पणी की थी, जिसके बाद अब शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। संजय राउत ने मुख्यमंत्री फडणवीस की भाषा को महाराष्ट्र की संस्कृति का अपमान बताते हुए उनसे राज्य की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की पुरजोर मांग की है।
ये शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र है किसी सुल्तान का साम्राज्य नहीं
दरअसल, भूस्खलन पर हो रही आलोचना से नाराज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा था कि “ये लोग शायद एक करोड़ झूठे लोगों के मरने के बाद पैदा हुए होंगे।” इसके साथ ही उन्होंने आलोचकों के लिए ‘भाड़े के टट्टू’ (किराए के घोड़े) और जिन्हें कुत्ते नहीं पूछते जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
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इस पर पलटवार करते हुए सांसद संजय राउत ने कहा, “जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो और जब लोग अखबार, टीवी या सोशल मीडिया पर इस पर सवाल उठाएं, तो सूबे का मुख्यमंत्री उन्हें ‘किराए के टट्टू’ या ‘कुत्त’ कहे? ऐसा घोर अपमान सिर्फ किसी क्रूर सुल्तान के राज में ही हो सकता है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है, यहां जनता का ऐसा उपहास उड़ाने वाले सुल्तानों और उनके निज़ामों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
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दिल्ली से महाराष्ट्र को बदनाम करने की साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री के इस बयान पर कि विपक्ष महाराष्ट्र की छवि को वैश्विक स्तर पर बदनाम कर रहा है, संजय राउत ने तीखा सवाल दागा। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र को सचमुच किसी ने बदनाम किया है, तो वो अमित शाह, नरेंद्र मोदी और उनके इशारों पर काम करने वाले देवेंद्र फडणवीस हैं।
राउत ने पूछा, “क्या सच बोलना महाराष्ट्र की बदनामी है? क्या यह इस राज्य के लिए शर्म की बात नहीं है कि आपने 50 करोड़ में विधायकों और सांसदों को खरीदकर अनैतिक सरकार बनाई? क्या मालवन में भ्रष्टाचार के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा का गिरना इस राज्य की मानहानि नहीं थी? जब तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी महापुरुषों पर अपमानजनक बयान दे रहे थे, तब आप चुप रहकर उनका समर्थन कर रहे थे, क्या वह बदनामी नहीं थी?”
आरएसएस का इतिहास पढ़ने की दी सलाह।
संजय राउत ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्हें पूरी तरह से हताश और पराजित राजनेता बताया। राउत ने आरोप लगाया कि जब से फडणवीस महाराष्ट्र की सत्ता में पिछले दरवाजे से आए हैं, वे केवल ठेकेदारों के हितों की रक्षा करने में जुटे हैं। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में हर दिन हत्याएं और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, विधानसभा में रोज झूठ परोसा जा रहा है और संविधान के विरुद्ध जाकर फैसले दिए जा रहे हैं।
राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह अघोषित आपातकाल जल्द ही हटेगा क्योंकि खुद को विश्व चैंपियन समझने वाले तानाशाह भी इस स्वाभिमानी धरती पर टिक नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही फडणवीस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वास्तविक इतिहास की एक किताब भेंट करेंगे ताकि वे सही इतिहास जान सकें।
