Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भिखारी पाकिस्तान बना शांतिदूत, विश्वगुरु कहां हैं? संजय राउत ने ‘सामना’ में PM की विदेश नीति की उड़ाई धज्जियां

Sanjay Raut Saamana: संजय राउत का पीएम मोदी पर बड़ा हमला। ईरान-अमेरिका समझौते में पाकिस्तान के 'शांतिदूत' बनने पर उठाए सवाल। 'सामना' में लिखा- विश्वगुरु का जहाज तूफान में भटक गया।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Apr 12, 2026 | 12:26 PM

संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Iran-USA Peace Deal Saamana: ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की अगुवाई पाकिस्तान द्वारा करने पर भारत में सियासत गरमा गई है। शिवसेना नेता संजय राउत ने पार्टी के अखबार ‘सामना’ (Saamana) में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने वसीम बरेलवी के शेर, कोई टूटी सी कश्ती ही, बगावत पर उतर आए, तो कुछ दिन ये तूफां, सर उठाना भूल जाते हैं।”

संजय राउत ने लिखा, वसीम बरेलवी का यह शेर ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर साझा किया था, जो वर्तमान स्थिति में काफी सटीक है। खुद को वैश्विक महाशक्ति समझने वाले अमेरिका को ईरान जैसे एक सामान्य देश ने कैसे सबक सिखाया, यह पूरी दुनिया देख रही है। ईरान का संघर्ष वहां की राष्ट्राभिमानी जनता का विद्रोह था।”

संजय राउने आगे लिखा, “जब ट्रंप ने एक ही रात में ईरान की सभ्यता और संस्कृति को नष्ट करने की धमकी दी, तब ईरान की लाखों जनता अपनी सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए मानव शृंखला बनाकर सड़कों पर उतर आई। ईरान की डेढ़ करोड़ जनता बलिदान के लिए तैयार है, ऐसा उनके विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा और ट्रंप को ‘शांति’ वार्ता के लिए मेज पर घसीट लाए लेकिन यह ‘मेज’ इस्लामाबाद में है, जो दुनिया में आतंकवादियों का प्रमुख केंद्र है।”

सम्बंधित ख़बरें

नासिक कुंभ 2027 में श्रद्धालुओं को खास सुविधा, हेलीकॉप्टर से पांच ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की तैयारी

NASA-RBI और करोड़ों का लालच! ठगों ने रची ऐसी फिल्मी कहानी कि पढ़ा-लिखा किसान भी दे बैठा लाखों रुपये

Maharashtra में एससी आरक्षण में A-B-C-D वर्ग बनाने पर सरकार का बड़ा कदम, सुझाव आमंत्रित

नासिक में जल संकट, भीषण गर्मी का असर; जंगल छोड़ बस्तियों में पहुंच रहे वन्यजीव

पाकिस्तान बना शांतिदूत

संजय राउत ने सामना (Saamana) में आगे लिखा, “अमेरिका पर इतिहास का सबसे भयानक आतंकवादी हमला करने वाला ‘लादेन’ पाकिस्तान के आश्रय में था और अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुसकर लादेन को मारा था। भारत में आतंकवादी हमले करने वाले सभी मोहरे पाकिस्तान की शरण में हैं। वही पाकिस्तान अब ईरान-अमेरिका युद्ध में ‘शांतिदूत’ की भूमिका निभा रहा है।”

ट्रंप की शांति पुरस्कार की लालसा पर राउत ने लिखा, “अमेरिका ने उसे शांतिदूत के रूप में मान्यता दे दी है। ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार की लालसा है लेकिन युद्धखोर ट्रंप को ऐसा शांति पुरस्कार देना, ये ‘शांति’ की अवधारणा का अपमान है। क्या पता? शायद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और उनके सेना प्रमुख जनरल मुनीर को एक साथ नोबेल शांति पुरस्कार दे दिया जाए! ऐसी हलचलें शुरू हो गई हैं।”

पाकिस्तान चला रहा उपक्रम

संजय राउत ने लिखा, “पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति एक भिखारी राष्ट्र जैसी है। पाकिस्तान चीन जैसे देशों से कर्ज लेकर जीने वाला देश है। अमेरिका के पास मदद के लिए कटोरा लेकर हमेशा खड़ा रहने वाला देश पाकिस्तान है। फिर यही पैसा सेना और आतंकवाद को पालने में खर्च किया जाता है। पाक सेना की सारी अय्याशी इसी कर्ज के पैसे पर चलती है। इसी पैसे के दम पर पाकिस्तान भारत में आतंकवादी घुसाकर हमले करवा रहा है। अब क्या कहा जाए? पाकिस्तान कंगाल है, लेकिन ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे उपक्रम उन्होंने नहीं चलाए।”

राउत ने लिखा, “पाकिस्तान में शिक्षा, रोजगार की धज्जियां उड़ी हुई हैं। फिर भी वैश्विक युद्ध रोकने का श्रेय अमेरिका ने पाकिस्तान को दे दिया। पाकिस्तान की विदेश नीति भारत से भी सरस साबित हुई। हम पाकिस्तान से हजार गुना आगे हैं लेकिन इन वैश्विक घटनाओं में भारत ने कोई भूमिका नहीं निभाई। हमारे प्रधानमंत्री करते क्या हैं? क्या इस देश में सच में कोई प्रधानमंत्री है? देश का नेतृत्व करने के लिए लोगों ने लगातार चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने वाला एक संघ प्रचारक चुना है।”

दो अवसर पर पाकिस्तान पहुंचे थे पीएम मोदी

सजंय राउत ने लिखा, “जनता के पैसे से लगातार दुनियाभर की यात्रा करना और वैश्विक नेताओं को गले लगाना विदेश नीति नहीं है। पीएम मोदी ने पिछले 11 वर्षों में केवल गले मिलने और वैश्विक नेताओं के गले पड़ने का ही काम किया है। इससे हासिल कुछ नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने अब तक दो वैश्विक कार्यक्रम किए। अपने पहले शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया और उसका खूब ढिंढोरा पीटा गया।”

संजय राउत ने लिखा, “नवाज शरीफ की बेटी की शादी और शरीफ के जन्मदिन के अवसर पर पीएम मोदी विशेष रूप से केक खाने इस्लामाबाद गए। उस ‘मास्टरस्ट्रोक’ का तो शंखनाद ही किया गया। इन कारनामों को छोड़ दें तो पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर कोई भी चमक नहीं दिखाई है। विदेश दौरों को भारतीय मीडिया में उनका बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना, इसके अलावा मोदी ने कुछ अलग किया हो, ऐसा दिखाई नहीं देता। पीएम के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। असल में वे ऐसी कोई नीति ही बना नहीं पाए।”

संजय राउत ने सामना (Saamana) में आगे लिखा, “जब पूरा ‘मध्य पूर्व’ (मिडिल ईस्ट) जल रहा था, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया था, दुनियाभर में तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, इजरायल ‘गाजा’ पर निर्दयी हमले कर छोटे बच्चों का कत्लेआम कर रहा था, तेहरान में लड़कियों के स्कूल पर इजरायल ने बमबारी कर 200 मासूम छात्राओं की जान ले ली, तब भारत कहां था? अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संवाद में भारत की कोई भूमिका नहीं थी। इस वैश्विक संकट में भारत पूरी तरह से गायब था।”

भारत ने किए महान कार्य

शिवसेना नेता ने लिखा, “ईरान-इजरायल, अमेरिका के झगड़े में भारत क्यों पड़े? उनका वो देख लेंगे, ऐसा तर्क जब पीएम मोदी के समर्थक देते हैं तब भारत के वैश्विक अस्तित्व को लेकर चिंता होने लगती है। अगर ऐसा ही है तो ‘विश्वगुरु’ जैसी स्वघोषित उपाधि की होली जला देनी चाहिए। ठीक है, फिर अमेरिका के चुनावी प्रचार का बिगुल भारत में फूंककर ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसा प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने का काम इन्होंने क्यों किया?

भारत के पास वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और युद्ध के समय ‘शांतिदूत’ के रूप में काम करने का लंबा अनुभव है। विदेश नीति के मौजूदा अधकचरों को अगर आजादी के बाद का इतिहास खंगालने की फुर्सत मिले तो उन्हें ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे। भारत ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद विश्वशांति के लिए बड़े काम किए हैं। कई देशों में युद्धविराम और शांति स्थापना में भारत ने निर्णायक भूमिका निभाई है। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के माध्यम से भी भारत ने महान कार्य किए हैं।”

संजय राउत ने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए लिखा, “कोरिया (1953): भारत ने दो कोरियाई देशों के बीच शुरू युद्ध की समाप्ति के लिए जो ‘आर्मिस्टिस समझौता’ हुआ, उसमें उल्लेखनीय भूमिका निभाई। भारत ‘न्यूट्रल नेशंस रिपैटिएशन कमीशन’ का अध्यक्ष था। युद्धबंदी की प्रक्रिया को आसान बनाने की जिम्मेदारी इस कमीशन के पास थी।

भारत ने की शांति स्थापित करने की पहल

वियतनाम, लाओस, कंबोडिया (1954) चीन युद्ध के बाद की स्थिति को संभालने वाली अंतर्राष्ट्रीय समिति का नेतृत्व भारत के पास था। स्वेज कैनाल संकट के समय जब ब्रिटेन, फ्रांस और इजरायल ने मिस्र पर हमला किया, तब भारत ने युद्धविराम के लिए कड़े कदम उठाए और चारों देशों के बीच शांति स्थापित करने की पहल की।

यह भी पढ़ें – नागपुर कांग्रेस के वन-टू-वन संवाद में बवाल, आपस में भिड़े ठाकरे-जिचकार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की से बढ़ा पारा

कांगो का संकट ( 1960-64) के दौरान वहां के गृहयुद्ध को रोककर शांति स्थापित करने के लिए भारत ने वहां अपनी सेना भेजी। संयुक्त राष्ट्र के सफल अभियानों में ‘कांगो’ मिशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत ने 1955 में तत्कालीन सोवियत संघ और ऑस्ट्रिया के बीच समझौता कराया, जिसके अनुसार सोवियत सेना की वापसी हुई और ऑस्ट्रिया ने तटस्थता की नीति अपनाई।

लेबनान, सूडान, दक्षिण सूडान, साइप्रस, लाइबेरिया, सोमालिया और रवांडा जैसे देशों में ‘शांति मिशन’ के माध्यम से भारत ने युद्धविराम कराया। भारत ने हमेशा अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं पर अपना स्वतंत्र मत और स्थान बनाए रखा, लेकिन पीएम मोदी इस मामले में विफल रहे।

‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम हमले के निमित्त पीएम मोदी ने चुनिंदा सर्वदलीय सांसदों को वैश्विक मिशन पर भेजकर कई देशों को बताया कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है। ईरान-इजरायल, अमेरिका के बीच युद्धविराम में पाकिस्तान को ‘शांतिदूत’ का सम्मान मिलने से मोदी की विफलता उजागर हो गई। ईरान ने अमेरिका को झुका दिया। एक छोटी सी नाव ने तूफान से मुकाबला किया लेकिन पीएम मोदी का जहाज उस तूफान में भटक गया और गायब हो गया।”

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Sanjay raut saamana editorial iran usa pakistan peace deal pm modi criticism

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 12, 2026 | 12:26 PM

Topics:  

  • Israel Iran Tension
  • Maharashtra
  • Narendra Modi
  • Saamana
  • Sanjay Raut

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.