Sanjay Raut PM Modi Middle East War (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut on PM Modi: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष और अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के भीषण रूप लेने के बाद, भारत में सियासी पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ पर कड़े सवाल उठाए हैं। राउत ने इस युद्ध को ‘मिनी वर्ल्ड वार’ करार देते हुए भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्राओं पर तंज कसा है।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में संजय राउत ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है, लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश के नेतृत्व ने अब तक इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
संजय राउत ने युद्ध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल दो देशों का झगड़ा नहीं है, बल्कि एक व्यापक युद्ध है जिसमें अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान और लेबनान खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि पर्दे के पीछे से खाड़ी देश, रूस और चीन भी इसमें शामिल हो चुके हैं। राउत ने सवाल उठाया, “इतने भीषण संकट के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर अपनी राय व्यक्त क्यों नहीं की है? आखिर यह डर किस बात का है? देश को यह जानने का हक है कि इस वैश्विक संकट में हमारी भूमिका क्या है।”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सीधा हमला बोलते हुए राउत ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी हाल ही में इजरायल होकर आए और उसके तुरंत बाद युद्ध शुरू हो गया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई मुलाकातों पर भी उंगली उठाई। राउत ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे ट्रंप के साथ गुलामी का कोई एग्रीमेंट साइन कर लिया गया है। अगर प्रधानमंत्री युद्ध शुरू होने से आज तक चुप हैं, तो इन हाई लेवल मीटिंग्स का क्या मतलब है? सरकार को पारदर्शी होना चाहिए।”
संजय राउत ने मांग की है कि केंद्र सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर ‘ऑल पार्टी मीटिंग’ (सर्वदलीय बैठक) बुलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जो भी विदेशी दौरे करते हैं या समझौते करते हैं, उन्हें देश और सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए। राउत के अनुसार, मिडिल ईस्ट में भारत के करोड़ों लोग रहते हैं और वहां के आर्थिक प्रभाव सीधे भारत पर पड़ते हैं, ऐसे में सरकार का मौन रहना रणनीतिक रूप से चिंताजनक है।