Mangal Prabhat Lodha Ajit Pawar Plane Crash (डिजाइन फोटो)
Mangal Prabhat Lodha: बारामती विमान हादसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की सियासत में ‘साजिश’ के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। विधायक रोहित पवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कड़ा रुख अपनाया है। लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस तथ्य के सार्वजनिक रूप से शंका जताना और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच प्रक्रिया जारी है।
रोहित पवार ने हाल ही में दावा किया था कि यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। उनके इन बयानों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। मंगल प्रभात लोढ़ा ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और ब्लैक बॉक्स जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य पहले ही कब्जे में लिए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी नतीजे पर पहुँचना जांच को प्रभावित कर सकता है।
रोहित पवार ने बुधवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि हादसे वाले दिन बारामती में दृश्यता (Visibility) बहुत कम थी, इसके बावजूद पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने विमान को वापस नहीं मोड़ा। रोहित पवार का सबसे गंभीर आरोप यह था कि विमान में जरूरत से कहीं ज्यादा, लगभग 3000-3500 लीटर ईंधन भरा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान के भीतर ईंधन के अतिरिक्त कैन भी रखे गए थे ताकि टकराते ही विमान एक विशाल ‘बम’ की तरह फट जाए और साक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो जाएं।
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रोहित पवार के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि रोहित पवार को शुरुआती दौर में कोई शंका नहीं थी, लेकिन अब वे बिना तथ्यों के बयानबाजी कर रहे हैं। लोढ़ा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर ऑफ सेफ्टी को पत्र लिखकर वैश्विक मानकों के अनुसार जांच शुरू करवा दी है। उन्होंने बताया कि जांच दल को ब्लैक बॉक्स और ट्रांसमिशन डेटा मिल चुका है, जिसका विश्लेषण किया जा रहा है। लोढ़ा ने दोहराया कि जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह के कयास लगाना गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।
राजनीतिक विवादों के बीच मंगल प्रभात लोढ़ा ने शिक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार की नई पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने अनिरुद्धबापू आपदा प्रबंधन अकादमी और महाराष्ट्र स्किल डेवलपमेंट के बीच हुए एमओयू (MoU) को समय की जरूरत बताया। लोढ़ा ने कहा कि एआई (AI) के युग में भी जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की कमी है, जो ‘गोल्डन ऑवर’ में लोगों की जान बचा सकें। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सेवा की भावना को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर भी जोर दिया ताकि वे एक बेहतर नागरिक बन सकें।