

Sanjay Raut Criticized INDIA Alliance: लोकसभा चुनावों की आहट के बीच विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के भीतर से ही असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं। शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने गठबंधन की सुस्त रफ्तार और संवाद की कमी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गठबंधन केवल चुनाव के समय ही नजर आता है, जबकि देश के ज्वलंत मुद्दों पर नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं होती।
राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि INDIA गठबंधन का काम तभी शुरू होता है जब लोकसभा चुनाव नजदीक आते हैं। तब तक किसी के बीच कोई संवाद नहीं होता। गठबंधन में बाकी लोग क्या कर रहे हैं, किसी को कुछ पता नहीं होता।
उन्होंने आगे कहा कि देश में मणिपुर हिंसा से लेकर कानून-व्यवस्था तक कई गंभीर समस्याएं हैं। अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों का जिक्र करते हुए राउत ने चेतावनी दी कि इससे देश के किसान भूख से मरेंगे और आत्महत्या को मजबूर होंगे। उनके अनुसार, सिर्फ संसद में आवाज उठाना काफी नहीं है, क्योंकि वहां राहुल गांधी जैसे नेताओं को बोलने तक नहीं दिया जाता। हमें सड़क पर उतरकर काम करना होगा।
गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी संजय राउत ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कोई कहता है ममता बनर्जी को नेतृत्व करना चाहिए, कोई स्टालिन का नाम लेता है। ये उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन जरूरी यह है कि गठबंधन 'एक्टिव' रहे। उद्धव ठाकरे हो या अन्य नेता, हम चाहते हैं कि गठबंधन साल भर काम करे, न कि सिर्फ चुनाव से पहले।
उन्होंने मांग की कि INDIA गठबंधन की तत्काल बैठक बुलाई जानी चाहिए ताकि साझा रणनीति पर चर्चा हो सके। राउत का यह बयान विपक्षी एकता की उन दरारों को उजागर करता है, जिन्हें पाटने की कोशिश पिछले कई महीनों से चल रही है।