Mumbai Police: शहीद विदीप जाधव के परिवार को 1.40 करोड़ की मदद, कमिश्नर देवेन भारती ने पेश की मिसाल

Vidip Jadhav Mumbai Police: मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने शहीद कॉन्स्टेबल विदीप जाधव के परिवार को 1.40 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी। विदीप प्लेन क्रैश में शहीद हुए थे।
Vidip Jadhav Mumbai Police
Vidip Jadhav Mumbai Police (डिजाइन फोटो)
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Vidip Jadhav: मुंबई पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अपने कर्मियों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानती है। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने पुलिस मुख्यालय में शहीद कॉन्स्टेबल विदीप जाधव के परिजनों से मुलाकात कर मानवता और विभाग के प्रति अटूट जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। इस मुलाकात के दौरान जहाँ यादें भावुक कर देने वाली थीं, वहीं भविष्य के प्रति एक ठोस आश्वासन भी दिखाई दिया।

कमिश्नर भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विदीप जाधव जैसे जांबाज सिपाही के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और विभाग उनके परिवार की हर जरूरत के लिए सदैव तत्पर रहेगा।

परिवार को मिला 1.40 करोड़ का संबल

शहीद विदीप जाधव के परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में मुंबई पुलिस ने त्वरित कदम उठाए हैं। वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में आयुक्त देवेन भारती ने परिवार को 1.40 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी। यह सहायता राशि केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं, बल्कि विभाग की ओर से शहीद के बच्चों की शिक्षा और परिवार के सम्मानजनक जीवन के प्रति एक प्रतिबद्धता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहीद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना ही उनके बलिदान के प्रति सच्ची कृतज्ञता है।

कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान

कॉन्स्टेबल विदीप जाधव की शहादत की कहानी कर्तव्य के प्रति उनके अटूट समर्पण से जुड़ी है। विदीप उस सुरक्षा घेरे का हिस्सा थे, जो महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की सुरक्षा में तैनात था।

हादसे का दिन: 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास हुए उस भीषण विमान हादसे में विदीप जाधव भी सवार थे।

अंतिम क्षण तक ड्यूटी: अपनी जान की परवाह किए बिना वह अंतिम क्षण तक अपनी ड्यूटी निभाते रहे। इस दुर्घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी मुंबई पुलिस फोर्स को एक अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

बहादुरी और ईमानदारी को सलाम

पुलिस विभाग ने कॉन्स्टेबल जाधव को उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद करते हुए उन्हें गर्व का प्रतीक बताया है। देवेन भारती ने परिवार से संवाद करते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में साथ खड़ा रहना हमारा फर्ज है। विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आर्थिक मदद के अलावा, परिवार के सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर रोजगार और अन्य विभागीय सुविधाएं प्रदान करने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। विदीप जाधव का नाम अब मुंबई पुलिस के उन नायकों में दर्ज हो गया है जिन्होंने 'सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय' के मंत्र को अपने प्राण देकर सार्थक किया।

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