नेपाल हिंसा को लेकर बयान देकर फंसे संजय राउत! संजय निरुपम ने दर्ज कराई शिकायत, बोले- हिंसा भड़काकर..
Nepal Violence: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने संजय राउत के नेपाल हिंसा संबंधी ट्वीट्स को लेकर वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और उन्हें भारत में हिंसा भड़काने का दोषी बताया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
शिवसेना नेता संजय निरुपम (pic credit; social media)
Mumbai News: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेपाल में हिंसा के बाद, संजय राउत ने लगातार ट्वीट पोस्ट किए और बयान दिए हैं, जो स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि वह भारत में हिंसा भड़काना चाहते हैं, जैसा कि नेपाल में हुआ था। उन्होंने राउत के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वर्सोवा पुलिस स्टेशन आया हूं। नेपाल में हिंसा के बाद, संजय राउत ने लगातार ट्वीट पोस्ट किए हैं और बयान दिए हैं जो स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि वह भारत में हिंसा भड़काना चाहते हैं, जैसा कि नेपाल में हुआ था।
हिंसा भड़काकर संविधान की रक्षा करेंगे
संजय निरुपम ने आगे कहा कि जो संजय राउत या इंडिया गठबंधन के नेता हाथ में संविधान की किताब लिए रहते हैं और संविधान के संरक्षण की बात करते हैं, उन लोगों से मेरा सवाल है कि क्या हिंसा भड़काकर संविधान की रक्षा करेंगे। ये लोग अपनी लगातार हार से बौखलाए हुए हैं। ये लोग नेपाल और बांग्लादेश में हुए हिंसा से प्रेरणा लेकर भारत में हिंसा भड़काना चाहते हैं, इनके खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। मुंबई पुलिस से मैंने अपील की है कि ऐसे लोगों के बयानों की जांच की जाए और इसके बाद तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
12 साल से ICU में था लोकतंत्र, युवाओं की शक्ति ने किया खड़ा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर संजय राउत का बयान
अहंकार की हार और सत्य की जीत, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुंबई में जश्न, जानिए क्या बोला पूरा विपक्ष
किसान दिल्ली आएंगे तो संसद छोड़ भागेगी मोदी सरकार; संजय राउत का CJP प्रदर्शन-शिवसेना विवाद को लेकर बड़ा हमला
सोनम वांगचुक पर पुलिस एक्शन को संजय राउत ने बताया तानाशाही, कहा- उद्धव के आंदोलन से ध्यान भटकाने की साजिश
जनभावनाओं को भड़काने का अधिकार नहीं
उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना यह विरोध नहीं है। विरोधी पार्टी की जिम्मेदारी है कि सरकार के कामों पर टीका-टिप्पणी करे, लेकिन जनभावनाओं को भड़काने का अधिकार इनके पास नहीं है। देश में हिंसा भड़काना संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है। लोकतांत्रिक तरीके से आप मोदी सरकार से लड़ें, इसका स्वागत है।
यह भी पढ़ें- भारत-पाक क्रिकेट मैच पर अखिलेश यादव की पार्टी ने साफ किया स्टैंड, बोले- पाकिस्तानी से आतंकी…
संजय निरुपम ने आगे कहा कि लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि याद रखिए नेपाल की सीमा से बिहार जुड़ा है। यह एक प्रकार की धमकी थी। मैं बिहार के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि ऐसे किसी भी भड़काऊ प्रयास में विपक्ष को सफल न होने दें और इस तरह की उत्तेजक बातों पर विश्वास न करें। -एजेंसी इनपुट के साथ
