कॉर्डेलिया क्रूज केस में समीर वानखेड़े को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर दी अंतरिम सुरक्षा
Supreme Court Of India ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामला 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस से जुड़ा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
समीर वानखेड़े (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Sameer Wankhede Supreme Court Relief: दिल्ली में उच्चतम न्यायालय ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ी राहत प्रदान की है।
कोर्ट ने 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज मादक पदार्थ मामले की जांच से जुड़े उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से वानखेड़े को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। वानखेड़े ने अपनी याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के हालिया आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द किया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र कौशल विकास योजना के तहत ₹7,000 करोड़ के महाप्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, TATA ग्रुप संवारेगा ITI
प्रताप सरनाईक का ऐलान; महाराष्ट्र में अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई, चलेंगी 8,300 नई बसें
Maharashtra Stamp Duty Scam; राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा- दोषी अधिकारी होंगे बर्खास्त,राज्य में जांच के आदेश
कहीं आपके साथ ट्रेन में सफर तो नहीं कर रहे किंग कोबरा! जनशताब्दी एक्सप्रेस में मिला अजगर, क्या है इसकी वजह?
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2025 में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने वानखेड़े के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र से उत्पन्न सभी अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया था। लेकिन बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस आदेश को पलटते हुए कार्रवाई जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया। इसके बाद वानखेड़े ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
कॉर्डेलिया क्रूज केस से जुड़ा विवाद
यह पूरा मामला 2021 के चर्चित कॉर्डेलिया क्रूज मादक पदार्थ प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें वानखेड़े जांच अधिकारी रहे थे। इस केस ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और कई बड़े नामों के सामने आने से विवाद गहराया था।
ये भी पढ़ें :- पुणे-पिंपरी में एसटी ‘जहां चाहें वहां यात्रा’ योजना को भारी प्रतिसाद, 5 महीनों में 4.24 लाख यात्राएं
आगे की सुनवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद अब मामले की अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है। अदालत के अंतिम निर्णय पर ही यह तय होगा कि वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे बढ़ेगी या पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
