मध्य रेलवे ने मुंबई लोकल में शुरू किया हाईटेक GPS सुरक्षा सिस्टम, मोटरमैन को मिलेगा इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट
Mumbai Local Train GPS: यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मध्य रेलवे ने जीपीएस आधारित सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया है, जो मोटरमैन को हर सिग्नल से पहले ऑडियो अलर्ट देकर सतर्क करेगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई लोकल सेफ्टी सिस्टम (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Local Train GPS Signal Alert: मुंबई की भागती-दौड़ती जिंदगी को रफ्तार देने वाली लोकल ट्रेनें अब और ज्यादा सुरक्षित होने जा रही हैं। दुनिया के सबसे व्यस्त उपनगरीय रेल नेटवर्क में शामिल मुंबई लोकल में मध्य रेलवे ने हाईटेक सुरक्षा तकनीक सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड करने का बड़ा अभियान शुरू किया है।
यह अत्याधुनिक जीपीएस आधारित प्रणाली अब मोटरमैन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट की तरह काम करेगी, जो हर हर सिग्नल से 250 मीटर पहले आवाज देकर उसे सतर्क करेगी, ताकि किसी भी हालत में सिग्नल मिस न हो।
बता दें कि प्रतिदिन 2300 से ज्यादा लोकल ट्रेनों का संचालन करने वाले मुंबई नेटवर्क में सिग्नलों के बीच की दूरी कई जगह 400 से 500 मीटर है। इसके साथ ही अनेक सिग्नल दाहिनी, अत्यधिक दाहिनी, बाईं और अत्यधिक बाई दिशा में लगे होते हैं। लगातार दबाव और सेकंड सेकंड की जिम्मेदारी के बीच मोटरमैन अकेले पूरे रूट का संचालन करते हैं, ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े खतरे में बदल सकती है।
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सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को नई तकनीक से किया लैस
इसी चुनौती को देखते हुए मध्य रेलवे ने सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को नई तकनीक से लैस किया है। अब जैसे ही ट्रेन किसी सिग्नल के करीब पहुंचेगी, सिस्टम 350 मीटर और फिर 250 मीटर पहले सिग्नल नंबर और उसकी दिशा की स्पष्ट ऑडियो घोषणा करेगा।
साथ ही यदि ट्रेन येलो सिग्नल पार करती है, तो सिस्टम लगातार चेतावनी देगा कि सावधान अगला सिग्नल रेड है। यह अलर्ट तब तक जारी रहेगा, जब तक अगला ग्रीन या डबल येलो सिग्नल नहीं आ जाता। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह फीचर मोटरमैन की एकाग्रता और प्रतिक्रिया क्षमता को कई गुना बेहतर बनाएगा।
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ऑडियो अनाउंसमेंट की सुविधा भी जोड़ी जा रही
- सिलास केवल चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रेन संचालन का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार करेगा। इसमें हर रूट के सिग्नलों की ऑडियो रिकॉर्डिंग, जीपीएस लोकेशन और तकनीकी जानकारी पहले से फीड रहेगी।
- यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन मैनेजर संबंधित लाइन स्लो, फास्ट, अप या डाउन का चयन करेगा और उसी के अनुसार सिस्टम सक्रिय हो जाएगा।
- यही नहीं, सिस्टम में अगला स्टेशन आने से पहले ऑडियो अनाउंसमेंट की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंचने से 500 और 250 मीटर पहले अगला स्टेशन ठाणे जैसी घोषणा करेगी।
- फिलहाल यह फीचर ट्रायल फेज में है और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इसे और उन्नत किया जाएगा। मध्य रेलवे ने सिलास को सुरक्षा विश्लेषण से भी जोड़ा है।
- सिस्टम प्लेटफॉर्म एंट्री, येलो सिग्नल, स्थायी गति प्रतिबंध और न्यूट्रल सेक्शन जैसे संवेदनशील स्थानों पर ट्रेन की वास्तविक गति रिकॉर्ड करेगा।
- इन आंकड़ों के जरिए मोटरमैन की काउंसलिंग, प्रशिक्षण और ड्राइविंग स्किल सुधारने में मदद मिलेगी। इसके अलावा रेलवे कंट्रोल रूम को अब ईएमयू ट्रेनों की लाइव लोकेशन और रियल टाइम स्पीड मॉनिटरिंग की सुविधा भी मिलेगी।
- मध्य रेलवे ने इसे उपनगरीय रेल सेवाओं में सिग्नल पासिंग एट डेंजर की शून्य घटनाओं के लक्ष्य की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक बताया है।
