रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar On Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत से जुड़े विमान हादसे में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों और सरकार की नींद उड़ा दी है। रोहित पवार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही और ‘मॅनिपुलेशन’ (हेरफेर) का मामला हो सकता है।
रोहित पवार ने हादसे का एक नया वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि विमान गिरने के बाद उसमें एक के बाद एक कई बड़े विस्फोट हुए। उन्होंने कहा कि विमान के पंखों और अंदरूनी हिस्सों में जरूरत से कहीं ज्यादा ईंधन भरा गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि ये ईंधन टैंक वॉशरूम के पास थे, जहां ब्लैक बॉक्स भी स्थित होता है। पवार का आरोप है कि इतना अधिक ईंधन जानबूझकर भरा गया था ताकि हादसे के बाद विस्फोट इतना भीषण हो कि सबूत मिट जाएं।
लाईव्ह |📍मुंबई | पत्रकार परिषद | 🗓️18-02-2026
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जांच एजेंसी AAIB ने हाल ही में कहा था कि आग के कारण ब्लैक बॉक्स जल गया है। इस पर पलटवार करते हुए रोहित पवार ने कहा कि यह केवल “मॅनिपुलेशन” है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हमारे जैसा व्यक्ति इतनी जानकारी जुटा सकता है, तो सत्ता में बैठे लोग सच क्यों नहीं सामने ला रहे? उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार विमान में 2 घंटे की बातचीत (CVR) रिकॉर्ड होनी चाहिए, लेकिन इस विमान में केवल 30 मिनट की रिकॉर्डिंग ही उपलब्ध थी।
रोहित पवार ने विमान उड़ा रहे पायलटों को लेकर सबसे सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्य पायलट सुमित कपूर अत्यधिक शराब पीने के आदी थे और 3-4 साल तक निलंबित रहे थे। वे ‘VSR कंपनी’ में कम वेतन पर काम कर रहे थे। एक अन्य पायलट, रोहित सिंह का लाइसेंस शराब पीने के कारण दो बार रद्द हो चुका था। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि कैप्टन कार्लोस, जो वेनेजुएला के निवासी हैं, भारत में केवल एक ‘पर्यटक’ (Tourist) के रूप में दाखिल हुए थे और अवैध रूप से विमान उड़ा रहे थे।
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तकनीकी खामियों पर बात करते हुए रोहित पवार ने बताया कि जिस विमान से अजित पवार सफर कर रहे थे, उसकी उड़ानों की सीमा 5,000 घंटे थी, लेकिन उसे 8,000 घंटे से भी ज्यादा चलाया जा चुका था। यह विमान नियमों को ताक पर रखकर रजिस्टर किया गया था।
दूसरी ओर, अजित पवार प्लेन क्रैश मामले को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने स्पष्ट किया है कि वे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार जांच कर रहे हैं। उन्होंने पुष्टि की है कि विमान में दो रिकॉर्डर थे जो आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से L3 बातचीत का डेटा मिल चुका है, जबकि हनीवेल कंपनी के ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (CVR) की तकनीकी जांच के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। हालांकि, रोहित पवार ने इन आधिकारिक बयानों को केवल जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है।