राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Raj Thackeray Opposes Sadhu Gram: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को देवेंद्र फडणवीस नीत सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कुंभ मेले के बहाने पेड़ों को काटने और फिर जमीन अपने ‘पसंदीदा उद्योगपतियों’ को दान करने की योजना बना रही है। ठाकरे ने सरकार पर ‘अवसरवाद’ का सहारा लेने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और संघर्ष को बढ़ने नहीं देना चाहिए।
मनसे अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा मंत्री, विधायक, उनके रिश्तेदार और उनके खेमे ज़मीन हड़पने या उद्योगपतियों के लिए बिचौलियों की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है कि नासिक में कुंभ मेला हो रहा है। ठाकरे ने दावा किया कि जब मनसे नासिक की सत्ता में थी, तब प्रशासन और पार्षदों के बीच अच्छी बातचीत हुई थी, जिससे बेहतरीन व्यवस्था बनी थी, और उस समय मनसे को पेड़ काटने की जरूरत महसूस नहीं हुई थी।
राज ठाकरे ने सरकार के इस खोखले आश्वासन पर भी सवाल उठाया कि नए पेड़ किसी और जगह लगाए जाएंगे, क्योंकि उनके अनुसार, ऐसा कभी होता ही नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि अगर उसके पास कहीं और पांच गुना अधिक पेड़ लगाने की जगह है, तो वहां साधु ग्राम क्यों नहीं बसाया जाता। ठाकरे ने नासिक के निवासियों से दृढ़ रहने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि अगर सरकार टकराव वाला रुख अपनाती है, तो उनकी पार्टी इस लड़ाई में जनता के साथ खड़ी रहेगी।
कुंभ मेले से पहले, धार्मिक नेताओं और संतों के लिए तपोवन क्षेत्र के 1,200 एकड़ क्षेत्र में साधु ग्राम बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव के तहत, करीब 1,670 पेड़ों को काटने के लिए उन पर पीले रंग लगाकर चिह्नित किया गया है। प्रकृति प्रेमियों और नागरिकों का दावा है कि इनमें से कुछ पेड़ 100 साल पुराने हैं। इस योजना का विरोध केवल मनसे तक सीमित नहीं है।
राज ठाकरे के चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पहले ही विरोध दर्ज कराते हुए कहा था कि पेड़ों की कटाई हिंदुत्व के नाम पर भ्रष्टाचार है। उद्धव ने आरोप लगाया था कि भाजपा का हिंदुत्व फर्जी है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तपोवन वह स्थान है जहां व्यापक रूप से यह माना जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास के दौरान निवास किया था।
नागरिकों ने भी इस योजना का कड़ा विरोध किया है। नासिक नगर निगम द्वारा पेड़ों की कटाई के लिए जारी किए गए नोटिस पर सैकड़ों आपत्तियां दर्ज की गईं। आपत्तियों पर हुई सुनवाई में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिकों द्वारा कड़े विरोध के कारण अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
अभिनेता और वृक्ष कार्यकर्ता सयाजी शिंदे ने भी शनिवार को नासिक के तपोवन क्षेत्र का दौरा किया और सरकार के खिलाफ जाने की बात कही। यह ध्यान देने योग्य है कि शिंदे मौजूदा ‘महायुति’ सरकार में शामिल उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं।
शिंदे ने स्पष्ट किया कि “पेड़ हमारे अभिभावक हैं। हमें साधु ग्राम के लिए एक भी पेड़ नहीं कटने देना चाहिए”। उन्होंने तर्क दिया कि साधु आते-जाते रहें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन पेड़ों के लुप्त होने से हमारे जीवन और आने वाली पीढ़ियों पर असर पड़ेगा।
यह भी पढ़ें:- ‘दोनों NCP साथ लड़ी तो दे दूंगा इस्तीफा’, शरद पवार गुट के पुणे शहर अध्यक्ष ने दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि इस दुनिया में सिर्फ पेड़ ही सेलिब्रिटी हैं और उनकी रक्षा करने की जरूरत है। शिंदे ने चेतावनी दी कि कोई छिपा हुआ एजेंडा न चलाया जाए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर हमारे अपने ही लोग हमें धोखा देंगे, तो हम उन्हें अपना कैसे कह सकते हैं।
उन्होंने स्थानीय निवासियों से एकजुट होकर विरोध करने का आग्रह किया और कहा कि ऐसे लोगों को नासिक को बर्बाद करने के लिए यहां नहीं आना चाहिए, यह टिप्पणी करते हुए कि हो सकता है कि किसी जगह पर 10 लोगों की जरूरत हो और 1,000 लोग आ जाएं।