‘भाजपा की बी-टीम’ को क्यों लाना चाहते हैं राऊत? मनसे से गठबंधन पर भड़की कांग्रेस!
Maharashtra Politics: राज ठाकरे की महाविकास आघाड़ी में एंट्री को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। प्रीतम सपकाल, भाई जगताप और रणपिसे ने राऊत के पत्र को निजी राय बताया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राज-उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी
Mumbai News: महाविकास आघाड़ी में मनसे प्रमुख राज ठाकरे को शामिल करने को लेकर कलह बढ़ गई है। आघाड़ी में प्रमुख सहयोगी कांग्रेस के नेता और विधायक शरद रणपिसे और भाई जगताप ने इस पर नाराजगी जताई है।
राज ठाकरे की ‘एंट्री’ को लेकर संजय राऊत द्वारा लिखे पत्र के विरोध में अब कांग्रेस विधायक प्रीतम सपकाल ने राज्य प्रभारी रमेश चेन्नीथला को पत्र लिखकर विरोध जताया है। उन्होंने लिखा है कि मनसे ने हमेशा कांग्रेस का विरोध किया है। वह भाजपा की ‘बी’ टीम है।
राजत के लेटर पर कांग्रेस नेताओं में नाराजगी
इस मुद्दे को आघाड़ी में शामिल होने के लिए राज ठाकरे को लेकर संजय राऊत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर उनके समर्थन की मांग की थी। इसी पत्र को लेकर कांग्रेस में बवाल मच गया है।
सम्बंधित ख़बरें
कैग रिपोर्ट पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- विज्ञापन नहीं, आंकड़े बता रहे मध्य प्रदेश की सच्चाई
खंडवा : ओंकारेश्वर में भारतीय जनता पार्टी को लगा बड़ा झटका, कई कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ
जबलपुर: मालवीय चौक विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का एसपी ऑफिस घेराव; थाना प्रभारी पर FIR की मांग
यह देश गांधी का…छात्र आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरा विपक्ष, गांधी स्मृति पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने कहा कि यह राऊत की निजी राय हो सकती है। पार्टी इस पर विचार नहीं कर रही है। हमने आज तक मनसे से कोई बातचीत नहीं की है।
कांग्रेस के पास मनसे से गठबंधन का प्रस्ताव नहीं
कांग्रेस विधायक प्रीतम सपकाल ने कहा, “सपकाल ने स्पष्ट किया है कि शिवसेना (उद्धव गुट) द्वारा भेजे गए पत्र और मीडिया रिपोर्ट्स से उन्हें मनसे के साथ संभावित गठबंधन की जानकारी मिली है। मनसे की विचारधारा भाजपा जैसी है और उसने समय-समय पर कांग्रेस के खिलाफ काम किया है। ऐसे में उसके साथ कोई गठबंधन नहीं हो सकता।”
यह भी पढ़ें- मोदी के नाम पर शिंदे ने शुरू की थी योजना, अब फडणवीस सरकार ने लगाई ब्रेक!
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास मनसे से गठबंधन का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। न ही पार्टी ने ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार किया है। सपकाल ने यह भी कहा कि मनसे के बारे में कोई भी फैसला कांग्रेस अध्यक्ष को विश्वास में लिए बिना नहीं होना चाहिए।
