बजट चर्चा से गैरहाजिर अफसरों पर सख्त नाराजगी, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर का अंतिम अल्टीमेटम
Maharashtra Assembly अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बजट सहित महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान सदन में उनकी उपस्थिति अनिवार्य है।
- Written By: अपूर्वा नायक
राहुल नार्वेकर (सौ. सोशल मीडिया )
Rahul Narwekar Budget Debate Warning: राहुल नार्वेकर ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वे विधानसभा की महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान अनुपस्थित न रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष रूप से राज्य के बजट पर होने वाली बहस के समय अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य है। अध्यक्ष ने बजट चर्चा से पहले सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्रियों को बहस के दौरान कई बार तत्काल प्रशासनिक जानकारी की आवश्यकता होती है।
ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों का सदन में मौजूद रहना बेहद जरूरी होता है, ताकि सही और त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे के Sinhagad Road RMC Plant से प्रदूषण, निवासियों ने हटाने की मांग तेज की
चंद्रपुर में गोवंश तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, पडोली रोड पर एलसीबी का छापा; तीन आरोपी गिरफ्तार
Chandrapur: महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल चुनाव, 60 उम्मीदवार मैदान में; 9 पदों के लिए मुकाबला
फडणवीस का तंज, पब्लिसिटी के लिए कुछ भी बोलते हैं श्याम मानव, जस्टिस गवई का किया बचाव
बजट बहस को बताया गंभीर विषय
अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि राज्य का बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण विषय होता है। इसलिए इस पर होने वाली चर्चा को पूरी गंभीरता के साथ लेना सरकार और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पहले भी भेजा जा चुका है पत्र
अध्यक्ष ने सदन को बताया कि उन्होंने पहले ही राज्य के वरिष्ठ नौकरशाहों को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि महत्वपूर्ण बहस के दौरान अधिकारी सदन में उपस्थित रहें। इसके बावजूद कुछ मामलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति देखने को मिली है।
ये भी पढ़ें :- मुंबई में दंत चिकित्सा की छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में प्रेमी पर उत्पीड़न का आरोप
नौकरशाही के लिए अंतिम अल्टीमेटम
राहुल नार्वेकर ने कहा कि यह नौकरशाही के लिए अंतिम चेतावनी है। यदि भविष्य में महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान अधिकारी अनुपस्थित पाए गए तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। उनके अनुसार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
