Pune में 15 बाल विवाह समय रहते रोके, इंदापुर में एक ही घर की तीन नाबालिगें बचाईं
Pune District में महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की मदद से नवंबर और अक्टूबर में कुल 15 बाल विवाह रोके। इंदापुर में एक ही परिवार की तीन नाबालिग लड़कियों की शादी भी समय रहते रुकवाई।
- Written By: अपूर्वा नायक
बाल विवाह (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आज भी बाल विवाह की घटनाएं हो रही हैं, जिसे महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा रोके गए मामलों ने एक बार फिर रेखांकित किया है। विभाग ने नवंबर माह में 12 बाल विवाह और अक्टूबर माह में तीन बाल विवाह इस प्रकार कुल 15 बाल विवाह समय रहते रोके हैं।
इनमें से कुछ मामलों में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। ये सभी बाल विवाह जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाली चाइल्ड हेल्पलाइन (टोल-फ्री) की मदद से रोके गए, इन मामलों में सबसे चौकाने वाली घटना इंदापुर तहसील में घटी।
एक ही घर में, रिश्तेदारी की तीन नाबालिग लड़कियों का विवाह एक ही दिन शुरू होने वाला था। इसकी जानकारी मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने ग्रामसेवक और स्थानीय पुलिस के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर तीनों विवाह रुकवाए।
सम्बंधित ख़बरें
Lahuji Salve Training Center को मिलेगा हेरिटेज दर्जा, पुणे मनपा ने तेज की प्रक्रिया
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे बना ‘डेथ ट्रैप’, 69 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं सुधरी सुरक्षा
Kanjurmarg Dumping Ground: प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम पर कोर्ट की फटकार, BMC और सरकार से मांगा जवाब
Summer Special Trains: मुंबई-पुणे से गोरखपुर के लिए 248 समर स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत
इसके अलावा, पाषाण और बावधन क्षेत्र में भी हाल ही में दो बाल विवाह के मामलों में कार्रवाई करके लड़कियों को सुरक्षित किया गया है, जिसकी जानकारी जिला बाल सुरक्षा विभाग द्वारा दी गई। बाल विवाह अभी भी एक गैर-कानूनी प्रथा है जो समाज में गहराई तक जड़ें जमा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे विवाह लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पूरे जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसलिए, बाल विवाह करना या इसे बढ़ावा देना कानून द्वारा गंभीर अपराध माना जाता है।
बाल विवाह रोकने के दौरान महिला एवं बाल कल्याण विभाग को अक्सर यह ‘तैयार उत्तर’ दिया जाता है कि रशादी नहीं हुई, सिर्फ सगाई हुई है। लेकिन विभाग पूरी जानकारी लेकर, यह विवाह के रीति-रिवाज होने की पुष्टि होते ही तत्काल कार्रवाई करता है।
हमें लोगों से बाल विवाह के बारे में जानकारी मिलती है। फिर, लोकल पुलिस की मदद से शादी रुकवाई जाती है। लेकिन जिन मंदिर और मैरिज हॉल में ऐसी शादियां हो रही है, वहां के अधिकारियों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के लोगों को जानकारी देनी चाहिए, तो हम बाल विवाह रोकने में ज्यादा सफल होंगे।
-रोहिणी डवले, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, पुणे
ये भी पढ़ें :- Pune: वाघोली से विमाननगर तक मूलभूत सुविधाओं का संकट, मनपा पर सवाल
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला बाल सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय आंगनवाड़ी सेविका, ग्रामसेवक और पुलिस कर्मचारियों के सहयोग से चाइल्ड हेल्पलाइन को बाल विवाह रोकने में सफलता मिल रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी बाल विवाह के होने की संभावना की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल टोल-फ्री नंबर 1098 पर इसकी सूचना दे।
