कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Provogue India Fraud Case:मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने प्रोवोग इंडिया लिमिटेड में हुई करीब 90 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी के एक पूर्व निदेशक, एक पूर्व कर्मचारी तथा दो अन्य व्यक्तियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने के आरोप लगे हैं। शिकायत कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक ने दर्ज कराई, जिसके बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी समूह पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने मिलकर कंपनी की संपत्तियों का मूल्य जानबूझकर कम करके दिखाया। इससे न केवल कंपनी के वास्तविक बाजार मूल्य को नुकसान पहुंचा, बल्कि इसकी नीलामी प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
आरोपियों ने नीलामी को दो साल तक लंबित रखा ताकि बाजार मूल्य और कम हो जाए तथा उनकी मौजदूगी में सस्ते दाम पर खरीद संभव हो सके।
जिन व्यक्तियों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें कंपनी के पूर्व निदेशक राकेश रावत, पूर्व कर्मचारी समीर खंडेलवाल, समाधान पेशेवर अमित गुप्ता, और नए खरीदार अर्पित खंडेलवाल शामिल हैं। इनके अलावा प्लूटस इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग लिमिटेड और कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं।
प्रोवोग इंडिया लिमिटेड मुंबई स्थित एक प्रसिद्ध ब्रांड है, जो पुरुषों और महिलाओं के परिधान और एक्सेसरीज का निर्माण व बिक्री करती है। इस कंपनी की बाजार में अच्छी प्रतिष्ठा रही है, लेकिन वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह मामला गंभीर रूप से उभरकर सामने आया है।
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जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने न सिर्फ संपत्तियों का मूल्य घटाया, बल्कि कर्जदारों को मिलने वाली राशि को भी अपने फायदे के लिए रोककर रखा। इस तरह कंपनी और उसके हितधारकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।
शिकायतकर्ता और पूर्व प्रबंध निदेशक निखिल चतुर्वेदी (55) ने बताया कि यह संपूर्ण अनियमितता 2018 से 2023 के बीच की अवधि में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गहन जांच जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।