प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो - सोशल मीडिया
PM Awas Yojana Maharashtra: प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत बने घरों का ऑडिट मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी एजेंसियों से कराने का फैसला किया है। पहले यह काम प्राइवेट एजेंसियों से कराया जाता था।
लेकिन अब निजी एजेंसियों के इससे बाहर कर दिया गया है। पीएमस आवास योजना के घरों का ऑडिट वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट (वीजेटीआई), कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (सीओईपी), विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नागपुर (वीएनआईआईटी) जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाएं करेंगी।
राज्य में पीएम आवास योजना (शहरी) 15 अक्टूबर 2024 से लागू की जा रही है। इस योजना को गति देने के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाई गई है। इस योजना के तहत घरों की क्वालिटी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्राइवेट एजेंसियों से ऑडिट के बावजूद लोगों को क्वालिटी वाले घर नहीं मिल रहे थे।
इसलिए अब सभी घरों का ऑडिट मान्यता प्राप्त संस्थाओं से कराया जाएगा। इन संस्थाओं की रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
पीएम आवास योजना के तहत घरों के लिए करीब 3 लाख 45 हजार लाभार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह आंकड़ा देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले अधिक है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने राज्य में 3 लाख 42 हजार 112 घरों को मंजूरी दी है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने 70 हजार और घरों की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। राज्य सरकार ने इस योजना में कई नई पहल जोड़ी हैं। ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए 500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की सब्सिडी दी गई है। इको-फ्रेंडली एनर्जी सोर्स स्कीम के लिए कंस्ट्रक्शन ग्रांट के तहत लाभार्थियों को प्रति घर 5 हजार रुपये और एएचपी प्रोजेक्ट के लिए प्रति घर 10 से 12 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
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मुख्य सचिव की अगुवाई वाली कमेटी ने अमरावती के नंदगांव में महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एरिया में 150 एकड़ जमीन पर एक प्राइवेट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.462.93 करोड़ रुपये है और इसमे 8,601 घर बनाए जाएंगे, पंढरपुर में मनपा के जरिए भक्तों के लिए ऐसा ही एक प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया गया है।