गंदी हैंडराइटिंग पर महाराष्ट्र सरकार सख्त, मेडिकल पाठ्यक्रम में शामिल होगा स्पष्ट लेखन का विषय

Clear Prescription Writing: डॉक्टरों की अस्पष्ट लिखावट से गलत दवा दिए जाने की शिकायतों पर राज्य सरकार सख्त हुई है। मेडिकल छात्रों को पढ़ने योग्य प्रिस्क्रिप्शन लिखने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Doctors Prescription
डॉक्टर्स प्रिस्क्रिप्शन (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Doctors Prescription Handwriting Rule: डॉक्टरों की गंदी और अस्पष्ट लिखावट के कारण मरीजों को गलत दवा दिए जाने की शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है।

अब डॉक्टरों को स्पष्ट और सुंदर लिखावट में प्रिस्क्रिप्शन लिखना होगा, ताकि उसे आसानी से समझा जा सके और दवाइयों को लेकर किसी प्रकार की गलतफहमी न हो।

विधानसभा में विधायकों ने डॉक्टरों द्वारा लिखे जाने वाले प्रिस्क्रिप्शन की गुणवत्ता और लिखावट की स्पष्टता का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मेडिकल शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि यह विषय अब मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। छात्रों को समझाया जाएगा कि डॉक्टरों के लिए साफ और पढ़ने योग्य लिखावट क्यों आवश्यक है।

निगरानी के लिए बनेगी उपसमिति

राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान आयोग ने दिसंबर 2025 में मेडिकल कॉलेजों को प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली की जांच और निगरानी के लिए एक उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति दवाइयों के सही उल्लेख और स्पष्ट लेखन सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी।

डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा

राज्य में नवीन स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली ‘नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल’ भी संचालित की जा रही है। इस डिजिटल व्यवस्था से प्रिस्क्रिप्शन और मरीजों के रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित रखने में मदद मिल रही है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा भरोसा बढ़ेगा।

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