मुंबई में Piyush Goyal का उद्योगों को संदेश, मजबूत सप्लाई चेन और गुणवत्ता पर दिया जोर
Union Minister Piyush Goyal ने मुंबई में उद्योगों को मजबूत सप्लाई चेन और गुणवत्ता सुधार का संदेश दिया। वहीं जनता दरबार में नागरिकों की 50 समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई कर राहत दी गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
पीयूष गोयल (सौ. सोशल मीडिया X )
Piyush Goyal Mumbai MSME Supply Chain: उत्तर मुंबई के सांसद और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांदिवली को-ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एस्टेट लिमिटेड (केसीआईईएल) में उद्यमियों और एमएसएमई प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति के लिए आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर आधारित एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत किया। गोयल ने उद्योगों से एक ऐसी लचीली और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने का आह्वान किया, जो कोविड जैसी महामारी, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष या किसी भी आपातकालीन स्थिति में भी विचलित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के समय भी कारोबार की निरंतरता बनाए रखना देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
उत्पादों पर हो दुनिया का अटूट भरोसा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की पैठ मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने गुणवत्ता और पैकेजिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल बेहतर उत्पाद बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसकी प्रस्तुति और आकर्षण भी उतना ही मायने रखता है।
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सरकारी पहल
- उन्होंने उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जैसे जापान, स्विट्जरलैंड और जर्मनी अपनी विश्वसनीयता के लिए विश्व विख्यात है, उसी तरह ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर भी दुनिया का अटूट भरोसा होना चाहिए।
- इसके लिए उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में गुणवत्ता की आदत डालने की बात कही, जिसमें स्वच्छता और बारीक से बारीक विवरण पर ध्यान देना शामिल है। व्यापार को सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पीयूष गोयल ने ‘जन विश्वास बिल’ का उल्लेख किया। उन्होंने उद्योग जगत से सुझाव मांगे कि अनुपालन के बोझ को और कम करने के लिए इसमें किन नए क्षेत्रों को जोड़ा जा सकता है।
- उन्होंने बताया कि क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के माध्यम से औद्योगिक क्लस्टरों में टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्टिफिकेशन सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी जा रही है। साथ ही, जेड (जेडईडी) और काइजन जैसे वैश्विक मानकों को लागू करने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि निर्यात क्षमता में वृद्धि हो सके।
विकसित भारत और भविष्य का लक्ष्य
शहरी विकास और पर्यावरण के संतुलन पर चर्चा करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबई जैसे शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी आर्थिक मूल्य को कई गुना बढ़ा सकती है। उन्होंने सेवा क्षेत्र, विशेषकर हॉस्पिटैलिटी और खानपान में मानकीकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए उन्होंने अंत में कहा कि यदि हम ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ आत्मनिर्भरता और नवाचार को अपनाएं, तो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने और वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होने से कोई नहीं रोक सकता।
विभिन्न समस्याओं पर चर्चा
गोयल के जन संवाद कार्यक्रम में विभिन्न हाउसिंग सोसाइटियों, स्थानीय संगठनों और आम नागरिकों ने अपनी समस्याएं पेश की। शिकायतों के दायरे में मुख्य रूप से नागरिक सुविधाएं, पुनर्विकास परियोजनाएं, जलापूर्ति की किल्लत, सड़कों की मरम्मत और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल थीं। इसके अलावा, खेल के मैदानों की सुरक्षा, पुलिस प्रशासन से जुड़े मामले और परियोजना प्रभावित लोगों (पीएपी) के मुआवजे जैसे गंभीर मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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जनता दरबार में 50 समस्याओं का समाधान
उत्तर मुंबई के सांसद और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार शाम अपने लोककल्याण कार्यालय में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनना और उनका प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जनता की शिकायतों पर सीधी सुनवाई की और लगभग 50 महत्वपूर्ण शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए।
जनता दरबार में पीयूष गोयल ने प्रत्येक शिकायत की स्वयं समीक्षा की, कई नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिली। जिन मामलों में विस्तृत जांच या प्रक्रिया की आवश्यकता थी, उनके लिए उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), एसआरए (एसआरए), एमएमआरडीए और मुंबई पुलिस समेत विभिन्न संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।
