Vasai Virar Illegal Dumping और लावारिस वाहनों पर सख्ती, एंट्री पॉइंट्स पर बनेंगे चेक पोस्ट

Vasai Virar में अवैध मलबा फेंकने और लावारिस वाहनों से बढ़ती परेशानी के बीच महापालिका ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। शहर के प्रवेश द्वारों पर चेक पोस्ट बनाकर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
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वसई विरार अवैध डंपिंग मुद्दा (सौ. सोशल मीडिया )
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Vasai Virar Illegal Dumping Traffic Checkposts: वसई विरार शहर में पिछले कुछ समय से लावारिस खड़े वाहनों और अवैध रूप से फेंके जा रहे कचरे (मलबे) ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।

मुंबई से आने वाले भारी वाहनों के कारण न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए वसई-विरार महापालिका ने अब कमर कस ली है। महापालिका ने शहर के प्रवेश द्वारों पर विशेष चेक पोस्ट बनाने और टीमें तैनात करने की योजना तैयार की है।

चेक पोस्ट तो बने, पर कर्मचारी नदारद

हैरानी की बात यह है कि जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर राजमार्ग प्राधिकरण ने वर्सोवा पुल के पास एक चेक पोस्ट स्थापित किया था, लेकिन पिछले एक साल से वहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। इस लापरवाही का फायदा उठाकर बाहरी वाहन धड़ल्ले से शहर में प्रवेश कर रहे हैं और सड़कों पर अवैध रूप से खड़े हो रहे हैं, जिससे हर दिन 500 से अधिक वाहन ट्रैफिक जाम में फंस रहे है।

जल शोधकर्ता सचिन मार्टी ने चेतावनी दी है कि मिट्टी के भराव में मलबे का इस्तेमाल करने से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है। मलबे के कारण बारिश का पानी जमीन के अंदर नहीं जा पा रहा है, जिससे भूजल स्तर गिर रहा है और बचा हुआ पानी भी प्रदूषित हो रहा है।

शहर में आने वाले यातायात जाम को रोकने के लिए ठोस प्रक्रिया तय कर ली गई है। प्रवेश द्वारों पर ही चेकपॉइंट स्थापित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध मलबे और ट्रैफिक की समस्या को हम प्राथमिकता पर हल करेंगे।

- पृथ्वीराज बी पी आयुक्त, वसई-विरार महापालिका

मुंबई का 'मलबा' बना वसई की मुसीबत

मुंबई और आसपास के इलाकों में चल रहे पुनर्विकास कार्यों के कारण निकलने वाला कचरा और खुदाई का मलबा चोरी-छिपे वसई-विरार की सीमा में फेंका जा रहा है। रात के अंधेरे में माफिया मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, जैसे ससुनवघर, मालजीपाड़ा, चिंचोटी, नायगांव और सातीवली फाटा जैसे इलाकों में कचरा डाल रहे हैं। इससे न केवल सड़कें संकरी हो रही हैं, बल्कि जल निकासी बाधित होने से बारिश में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

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