Pune News: 1,209 करोड़ आवंटित, सीवरेज नेटवर्क का विकास 27 गांवों का होगा कायाकल्प
Pimpri: पीएमआरडीए क्षेत्र के 27 गांवों में 1,209 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना शुरू होगी। 16 क्लस्टर्स में नेटवर्क विकसित कर अपशिष्ट जल शोधन, सौर ऊर्जा उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
पीएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri News In Hindi: पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के अंतर्गत आने वाले 27 गांवों के लिए स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पीएमआरडीए द्वारा 1,209.08 करोड़ रुपये की लागत से 16 क्लस्टर्स में एक व्यापक सीवरेज (अपशिष्ट जल) परियोजना शुरू की जा रही है।
इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत अपशिष्ट जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा। परियोजना की प्रगति और प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर 16 दिसंबर को आकुर्डी स्थित पीएमआरडीए मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महानगर आयुक्त डॉ. योगेश म्हसे ने की. इसमें संबंधित गांवों के सरपंच, उपसरपंच, ग्राम विकास अधिकारी,विधायक शंकरराव मांडेकर तथा सिंगला उपस्थित थे।
सौर ऊर्जा और तकनीक से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढावा
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज ढांचे को मजबूत करना, वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट जल का शोधन करना और नदियों में होने वाले प्रदूषण को कम करना है। शोधित पानी का उपयोग कृषि, उद्योग और अन्य गैर-पेय प्रयोजनों के लिए किया जाएगा। महानगर आयुक्त डॉ. म्हसे ने सभी क्लस्टर-वार परियोजनाओं को एक वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं तथा आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने को कहा है।
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क्लस्टर्स की योजना का प्रस्तुतिकरण
- नियुक्त तकनीकी सलाहकार संस्था द्वारा प्रत्येक क्लस्टर की योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
- परियोजना में कम जनशक्ति, कम खर्च और दीर्घकालीन टिकाऊ तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- इसके साथ ही परियोजना के पूर्ण होने के बाद अगले पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
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559.404 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र बनेगा
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा का उपयोग इस परियोजना की विशेषता है। सणसवाडी क्लस्टर में 559 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र प्रस्तावित है। साथ ही, रीयल टाइम निगरानी के लिए एससीएडीए आधारित स्वचालित प्रणाली लागू की जाएगी। यह परियोजना ग्रामीण स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
