आरटीई छात्रों से अवैध फीस वसूली की शिकायतें तेज, अमरावती में निजी स्कूलों पर शुल्क लेने के आरोप
Amravati RTE Issue News: अमरावती जिले में आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा पाने वाले विद्यार्थियों से निजी स्कूलों द्वारा विभिन्न नामों पर शुल्क वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
Amravati RTE Issue (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो- सोशल मीडिया)
Amravati Private School Fees Complaints News: शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है, लेकिन जिले में कई स्कूलों द्वारा अलगअलग नामों से शुल्क वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अभिभावकों के अनुसार कुछ स्कूलों में एक्टिविटी फीस, वार्षिक समारोह शुल्क, कंप्यूटर कोर्स, प्रैक्टिकल, स्कूल सामग्री, यूनिफॉर्म और स्पोर्ट्स फीस के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं। फीस नहीं भरने पर विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने से रोकना, कार्यक्रमों में शामिल नहीं करना तथा अन्य विद्यार्थियों से अलग बैठाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।
शिक्षा का खर्च शासन वहन करता है
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार निजी गैरअनुदानित स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है और इन विद्यार्थियों की शिक्षा का खर्च शासन वहन करता है। नियमों के अनुसार पहली से आठवीं तक किसी भी प्रकार की शैक्षणिक फीस नहीं ली जा सकती। शिक्षा विभाग की जानकारी के मुताबिक जिले की 227 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 2626 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अब तक 2003 विद्यार्थियों के प्रवेश निश्चित हो चुके हैं।
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कार्रवाई की जाएगी
शिक्षणाधिकारी सतीश मुगल ने कहा कि आरटीई विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेना नियम विरुद्ध है। शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
