Silk Saree Buying: सिल्क की साड़ी खरीदते हुए कहीं आप भी न हो जाएं ठगी के शिकार, ऐसे परखें असली या नकली
Silk Saree Elegance: जब साड़ी चुनने की बात आती है, तो इसके कई सारे मानक होते हैं। फैब्रिक के फील से लेकर डिजाइन तक,यहां हम आपको उन मानकों के बारे में बताएंगे, जो साड़ी खरीदने से पहले ध्यान रखनी चाहिए
- Written By: रीता राय सागर
सिल्क साड़ी (सौ. सोशल मीडिया)
Silk Saree Buying Tips: शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में शॉपिंग तो बनती है। इंस्टाग्राम, पिंटरेस्ट व सोशल मीडिया संबंधी ट्रेंड्स तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन कुछ साड़ियां ऐसी होती हैं, जो सदाबहार होती हैं। हमेशा ट्रेंड में। आप इसे कभी भी पहन सकती हैं। यह एक रॉयल और एलीगेंट लुक देती है।
इन साड़ियों में कांजीवरम साड़ी, बनारसी साड़ी, माहेश्वरी साड़ी, चंदेरी साड़ी, कोटा डोरिया साड़ी, नौवारी साड़ी, पटोला साड़ी, बालूचरी साड़ी, तांत साड़ी व भागलपुर सिल्क साड़ी जैसी अनेकों वेरायटी हैं। अगर आप सिल्क की साड़ी पहली बार खरीदने जा रही हैं, तो अपनी वॉर्डरोब के लिए एक ऐसी मास्टरपीस चुने, जो आने वाले सालों में भी उतनी ही नई और खूबसूरत लगे। अगर आप पहली बार सिल्क की साड़ी खरीदने की सोच रही हैं, जो हमेशा के लिए आपकी अलमारी की शान और याद बनेगी, तो बिना जल्दबाजी किए कुछ बातों का ध्यान रखें।
किन बातों का रखें ख्याल
सिल्क मार्क टैग
बाजार में कॉस्ट कटिंग के लिए साड़ी की क्वालिटी और उसकी बनावट से समझौता किया जाता है। असली सिल्क की पहचान के लिए उसमें सरकारी सिल्क का टैग या लोगो का मार्क जरूर देखें। असली रेशम की साड़ी को छूने से मुलायम और गरमाहट महसूस होती है। उसमें फिसलन होती है, जो प्लास्टिक जैसी नहीं होती है। सिल्क की साड़ियां पीढ़ी दर पीढ़ी चलती हैं, इसलिए इन्हें सर्टिफाइड स्टोर से ही खरीदें।
सम्बंधित ख़बरें
नसरापुर दुष्कर्म-हत्या केस में 15 दिन में चार्जशीट, पुलिस ने पेश किए 1100 पन्नों के सबूत
पुणे के दगडूशेठ गणपति मंदिर को सरकार का बड़ा सम्मान, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यवतमाल जिले के पुसद वन विभाग पर करोड़ों के दुरुपयोग का आरोप, शिकायत पहुंची नागपुर; उच्चस्तरीय जांच की मांग
रायगढ़ बनेगा ‘तीसरी मुंबई’, 1 लाख करोड़ निवेश के बीच रेलवे सुविधाओं पर उठे सवाल
सिल्क साड़ी (सौ. सोशल मीडिया)
मौसम का भी रखें ध्यान
यदि आप साड़ी ठंड के मौसम के लिए खरीद रही हैं, तो बनारसी या कांजीवरम का चयन करें। इसके विपरीत यदि आप सिल्क की साड़ी गर्मी के मौसम में पहनने के लिए ले रहीं हैं, तो टसर, मलबरी या चंदेरी बेहतरीन ऑप्शन है।
स्कीन टोन के हिसाब से करें रंगों का चयन
भारतीय परंपरा में रंगों का अपना एक खास महत्व और धार्मिक जुड़ाव है। साथ ही साड़ी के रंग से चेहरे का रंग भी निखर कर आता है। अगर आप शादी या अपने घर के फंक्शन के लिए ले रही हैं, तो पारंपरिक लाल, मैरून, रॉयल ब्लू या एमराल्ड ग्रीन जैसे बोल्ड कलर को चुनें, जिन पर भारी जरी का काम हो। इस तरह की साड़ियां किसी फंक्शन में स्टैंड आउट करती हैं और खिलकर आता है। वहीं, अगर आप इसे किसी त्योहार या डे-फंक्शन के लिए ले रही हैं, तो पेस्टल शेड्स, हल्दी पीला या सॉफ्ट कलर्स एक मॉडर्न और एलिगेंट लुक देंगे।
ये भी पढ़ें- Alia Bhatt की ट्रोलिंग पर Ranbir Kapoor का रिएक्शन, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल, लोगों ने किया जमकर कमेंट
बुनाई और पारंपरिक मोटिफ्स
सिल्क साड़ियों की खूबसूरती उन पर की गई बारीक कढ़ाई और उनके पैटर्न्स में छिपी होती है। पारंपरिक साड़ियों में टेंपल बॉर्डर, चेक, सिक्के, मोर और पैसले के डिजाइन बने होते हैं। जिसे कारीगर बड़ी ही बारीकी से साड़ियों पर उतारते हैं। हर डिजाइन की अपनी एक कहानी होती है।
सिल्क साड़ी (सौ. सोशल मीडिया)
ऐसे में ध्यान देने वाली बात यह है कि असली साड़ी की जरी छूने में स्मूथ और चमकदार होती है। खुरदरी या चुभने वाली साड़ी नकली हो सकती है। इसे हल्के से रगड़कर देखें, अगर रंग फीका पड़ता है या कालापन आता है, तो जरी सिंथेटिक यानि नकली है।
