पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड शहर के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय फिर से शुरू होने जा रहा है।
विभिन्न तकनीकी, कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पिछले लगभग चार वर्षों से लंबित महानगर पालिका की चुनावी प्रक्रिया आखिरकार सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।
इस चुनाव के परिणाम आने के बाद अब वह समय आ गया है, जब जनता द्वारा चुने गए 128 नवनिर्वाचित नगरसेवक आधिकारिक तौर पर सदन में प्रवेश करेंगे।
इस नई शुरुआत के साथ ही महानगर पालिका मुख्यालय में पसरा सन्नाटा अब खत्म होने वाला है। महापौर, उपमहापौर, सदन के नेता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के कार्यालयों के ताले एक बार फिर खुलने जा रहे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आज यानी गुरुवार, 22 जनवरी को मुंबई में होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव संपन्न होने के बाद अब प्रशासन की निगाहें महापौर पद के आरक्षण की लॉटरी पर टिकी हैं।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के प्रतिबंधों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर कोर्ट में लंबित कानूनी लड़ाई और राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के कारण 13 मार्च 2022 को महानगर पालिका का पिछला कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव नहीं हो सके थे।
प्रक्रिया पूरी होते ही होगी पहली आम सभा: लंबे समय तक चले प्रशासकीय शासन के बाद अब लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल हो रही है। आज की लॉटरी यह तय करेगी कि शहर का अगला ‘प्रथम नागरिक’ यानी महापौर किस वर्ग से होगा, इसके तुरंत बाद जनरल बॉडी (आम सभा) की पहली बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें महापौर और उपमहापौर के चयन के साथ-साथ विभिन्न विषय समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
महानगर पालिका की मुख्य, प्रशासनिक इमारत की तीसरी मंजिल, जो सत्ता का मुख्य केंद्र होती है, पिछले कई महीनों से वीरान थी। मार्च 2022 के बाद जब राजनीतिक पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हुआ, तब इन आलीशान कार्यालयों पर ताले जड़ दिए गए थे। हालांकि, बीच के समय में जगह की कमी के कारण प्रशासन ने उपमहापौर, पक्ष नेता और अन्य समितियों के कक्षों का उपयोग कुछ विभाग प्रमुखों और अधिकारियों के बैठने के लिए किया था।
अब चूंकि जनप्रतिनिधियों की वापसी तय हो गई है, प्रशासन ने इन कक्षों को तत्काल खाली कराने और उनकी मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है, नगर सचिव विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि सभी कार्यालयों को उनकी मूल स्थिति में लाकर उन्हें नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए सुसज्जित किया जाए, जो अधिकारी इन केबिनों में अस्थाई रूप से बैठे थे। उन्हें अपने पुराने विभागों में लौटने को कहा गया है।
नगर सचिव मुकेश कोलप ने इस संबंध में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने महानगर पालिका के विभिन्न विभाग प्रमुखों सहित ‘ए’ से लेकर ‘एच’ तक के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यकारी अभियंताओं को कड़े पत्र जारी किए है। इन निर्देशों में न केवल कक्षों की सिविल मरम्मत और पेंटिंग शामिल है, बल्कि सुक्ष्म से सूक्ष्म बातों का भी ध्यान रखा गया है।
महापौर और उपमहापौर के साथ-साथ शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली समितियों का भी जल्द ही पुनर्गठन होगा। इसमें सबसे शक्तिशाली मानी जाने वाली स्थायी समिति, विधी (विधिक) समिति, शहर सुधार समिति, महिला व बालकल्याण समिति, शिक्षा समिति, खेल-कला-साहित्य व सांस्कृतिक समिति और जैव-विविधता प्रबंधन समिति शामिल हैं।
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इन समितियों के लिए अलग-अलग कार्यालय आरक्षित होते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि इन कार्यालयों में बिजली की फिटिंग, एयर कंडीशनिंग और कंप्यूटर नेटवर्क जैसी तकनीकी सुविधाएं पूरी तरह कार्यशील हो। शहर में अब चर्चा है कि कौन सा नगरसेवक किस समिति का अध्यक्ष बनेगा, जिससे मनपा गलियारों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।