महाराष्ट्र में बदलेगी एसटी बस स्टैंड की तस्वीर, 13 हजार एकड़ जमीन पर बनेंगे आधुनिक ‘बस पोर्ट’
Mumbai News: महाराष्ट्र सरकार ने एसटी महामंडल की 13 हजार एकड़ जमीन पीपीपी मॉडल पर डेवलप करने का फैसला किया है, जिससे पुराने बस स्टैंड्स ‘बस पोर्ट्स’ में बदलेंगे और 10 लाख लोगों को घर मिलेंगे।
- Written By: सोनाली चावरे
प्रताप सरनाईक (pic credit; social media)
Maharashtra ST Bus Stand: महाराष्ट्र की परिवहन व्यवस्था अब नया रूप लेने जा रही है। राज्य सरकार ने एसटी महामंडल की 13 हजार एकड़ जमीन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर डेवलप करने का बड़ा फैसला लिया है। यह जमीन 850 लोकेशन्स पर फैली हुई है और इसे 49+49 यानी कुल 98 साल की लीज पर दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने रविवार को रियल एस्टेट डेवलपर्स की संस्था नॉर्डिक से अपील की कि वे अपने अनुभव और निवेश से इन जमीनों को विकसित करें और पुराने बस स्टैंड्स को आधुनिक ‘बस पोर्ट्स’ में बदलें।
सरनाईक ने कहा कि गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह अत्याधुनिक बस पोर्ट बनाए, उसी मॉडल को महाराष्ट्र में भी लागू किया जा सकता है। इससे जनता को सिर्फ इंतजार करने की जगह नहीं बल्कि रेस्तरां, शॉपिंग और आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रांजिट हब मिलेंगे।
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सरकार का बड़ा विजन
सरकार का लक्ष्य केवल परिवहन को आधुनिक बनाना नहीं है बल्कि इन योजनाओं से आम लोगों को भी फायदा दिलाना है। सरनाईक ने दावा किया कि अगले दो साल में 10 लाख लोगों को घर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह घर सिर्फ अमीरों के लिए नहीं बल्कि गरीब और झोपड़पट्टी में रहने वालों को भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस योजना को लेकर लगातार सक्रिय हैं।
यह पहली बार है जब एसटी महामंडल की लैंड बैंक का इतने बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे महाराष्ट्र के शहरों को नया व्यावसायिक और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा और बस स्टैंड्स की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| कुल जमीन | 13,000 एकड़ |
| लोकेशन्स | 850 |
| लीज अवधि | 98 साल (49+49) |
| लक्ष्य | बस स्टैंड्स को आधुनिक ‘बस पोर्ट’ बनाना |
| अतिरिक्त लक्ष्य | 10 लाख लोगों को घर उपलब्ध कराना |
