बॉम्बे हाईकोर्ट में परमबीर सिंह की जमानत रद्द करने की मांग, लीलावती ट्रस्ट ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर Param Bir Singh Bail रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। ट्रस्ट ने उन पर धमकी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
परमबीर सिंह केस (सौ. सोशल मीडिया )
Param Bir Singh Bail Cancellation Plea: लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट ने अपने पूर्व कार्यकारी निदेशक व पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
ट्रस्ट ने उन पर वित्तीय गड़बड़ी, आपराधिक धमकी, दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा और ट्रस्ट के ट्रस्टी व वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि मई 2023 में एक अन्य मामले में जमानत मिलने के बाद भी परमबीर सिंह कथित तौर पर दबाव बनाने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे।
कर्मचारियों व ट्रस्टियों को डराने-धमकाने का प्रयास
याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित उगाही की कोशिश की। मानहानिकारक संदेश फैलाएं और अस्पताल के कर्मचारियों व ट्रस्टियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया।
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ट्रस्ट के अनुसार, इन गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि अदालत से मिली जमानत का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है और इससे संस्थान की कार्यप्रणाली व सुरक्षा को लगातार खतरा बना हुआ है।
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ट्रस्ट ने दर्ज कराई शिकायतें
ट्रस्ट ने बताया कि 5 फरवरी 2026 को परमवीर सिंह से उनका संबंध समाप्त कर दिया गया था। इसके अलावा, ट्रस्ट की ओर से कई पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई हैं, जिनमें कथित उगाही की मांगों और स्थायी ट्रस्टी प्रशांत मेहता समेत अन्य ट्रस्टियों को जान से मारने की धमकियों का उल्लेख है। यह आपराधिक आवेदन ट्रस्ट के स्थायी ट्रस्टी प्रशांत मेहता की ओर से दायर किया गया है।
