BMC BJP Shinde Group: बीएमसी में बीजेपी-शिंदे गुट के बीच बढ़ी खींचतान, नाला सफाई दौरों को लेकर विवाद
BMC BJP Shinde Group News: बीएमसी में बीजेपी और शिंदे गुट के बीच अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। नाला सफाई निरीक्षण दौरों से उपमहापौर को दूर रखने पर नाराजगी बढ़ गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी महापौर रितु तावड़े और उपमहापौर संजय घाड़ी (सौ. डिजाइन फोटो )
BMC BJP Shinde Group Conflict News: बीएमसी में बीजेपी व शिंदे गुट के बीच चल रहा ‘अंदरूनी संघर्ष’ अब खुलकर सामने आने लगा है। पिछले दो दिनों से महापौर रितु तावड़े की तरफ से किए जा रहे नाला सफाई निरीक्षण दौरों से उपमहापौर को दूर रखे जाने पर नाराजगी बढ़ गई है।
“सहयोगी दल होने के बावजूद हमें साधारण सूचना देने की शिष्टता भी महापौर ने नहीं दिखाई,” ऐसे तीखे शब्दों में उपमहापौर संजय घाड़ी ने महापौर रितु तावड़े की कार्यशैली पर निशाना साधा है।
बीएमसी मुख्यालय स्थित शिवसेना कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमहापौर संजय घाड़ी और गटनेता अमेय घोले ने महापौर की ‘एकला चलो’ नीति की कड़ी आलोचना की।
सम्बंधित ख़बरें
Bombay High Court ने नौसेना को लगाई फटकार, कहा- निर्माण पूरा होने के बाद NOC मांगना गलत
Mumbai Water Metro Project को मिली रफ्तार, 29 टर्मिनल और 10 रूट्स पर चलेगी सेवा
नासिक पुलिस ही नहीं सबको धोखा दे रही थी निदा खान, TCS कांड की आरोपी का असली चेहरा देख हैरान हुए लोग
Thane Coastal Road Project: संजय केलकर ने किया कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का निरीक्षण, 28% काम पूरा
नहीं मिला दौरों का निमंत्रण
मुंबई में नाला सफाई की समीक्षा के लिए महापौर रितु तावड़े ने दौरे तय किए, लेकिन इन दौरों का निमंत्रण तक उपमहापौर को नहीं दिया गया। “निमंत्रण नहीं मिला, इसलिए मैं खुद दौरे पर नहीं गया,” ऐसा कहते हुए घाड़ी ने अप्रत्यक्ष रूप से महापौर पर हमला बोला। इससे भाजपा और शिवसेना के बीच इस खींचतान से मनपा में समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है।
घाड़ी ने कहा कि समन्वय बनाकर काम किया जाना चाहिए। बता दें कि इसके पहले मुंबई क्लीन लीग में अक्षय कुमार जब बीएमसी आए थे तो उस समय भी शिंदे गुट के अमेय घोले ने आरोप लगाया था कि उप महापौर को फोटो सेशन व बैठक के दौरान साइड लाइन किया गया है।
नाला सफाई में ‘थर्माकोल’ मिलने पर नाराजगी
नाला सफाई कार्य पर बोलते हुए धाड़ी ने कहा कि अब तक शहर में 41 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और 31 मई तक 80 प्रतिशत गाद निकालने का लक्ष्य प्रशासन को दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुर्ला जैसे इलाकों में नालों से थर्माकोल, प्लास्टिक और पुराने फर्नीचर तक निकल रहे है, जो बेहद चिंताजनक है। नागरिकों को नालों में कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाएगा और अधिक से अधिक गाद निकालने पर जोर दिया जाएगा।
मुझे इस विषय पर किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। मैं जल्द ही इस विषय पर चर्चा कर इसे सुलझाने की कोशिश करूंगा।
– गणेश खणकर (बीएमसी सदन नेता, बीजेपी)
तुगलकी आदेश का खंडन
वाकोला में मछली बिक्री को लेकर अफवाहों पर भी उन्होंने कहा कि मछली काटकर बेचने या बदबू न आने देने को लेकर मनपा ने कोई तुगलकी आदेश जारी नहीं किया है। कोई अधिकारी जबरदस्ती ऐसे नियम लागू कर रहा है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये भी पढ़ें :- Bombay High Court ने नौसेना को लगाई फटकार, कहा- निर्माण पूरा होने के बाद NOC मांगना गलत
मराठी नाम पट्टियां नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग
उपमहापौर ने मराठी अस्मिता के मुद्दे पर भी प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि मुंबई में अब भी 520 दुकानों पर मराठी नाम पट्टियां नहीं लगी हैं। कानून का पालन न करने वाले दुकानदारों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्होंने कहा, “मराठी भाषा को प्राथमिकता देना हर व्यापारी की जिम्मेदारी है।
