Operation Tiger Maharashtra
Eknath Shinde vs Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में Operation Tiger Maharashtra को लेकर चर्चाएं एक बार फिर चरम पर हैं। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली से आई कुछ तस्वीरों ने उद्धव ठाकरे खेमे की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा आयोजित एक ‘डिनर डिप्लोमेसी’ में उद्धव ठाकरे गुट के दो प्रमुख सांसदों की मौजूदगी देखी गई। इस घटनाक्रम ने उन दावों को और हवा दे दी है जिनमें कहा जा रहा था कि ठाकरे गुट के कुछ सांसद जल्द ही पाला बदल सकते हैं।
इस Shinde vs Thackeray Political Tussle के बीच, पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री शिंदे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को ‘ऑपरेशन टाइगर’ की शुरुआत माना जा रहा था। इसके तुरंत बाद उद्धव ठाकरे ने ‘मातोश्री’ पर आनन-फानन में अपने सांसदों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, उस बैठक में परभणी के सांसद संजय जाधव की अनुपस्थिति ने पहले ही संदेह पैदा कर दिया था। अब ताजा रात्रिभोज में अन्य सांसदों की शिरकत ने पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान को सार्वजनिक कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के इस रात्रिभोज में उद्धव गुट के सांसद नागेश अष्टिकर और सांसद संजय देशमुख की उपस्थिति ने सबसे ज्यादा चौंकाया है। इन दोनों सांसदों की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या ये नेता भी अब ‘धनुष-बाण’ (शिंदे गुट) के रास्ते पर चलने को तैयार हैं? हालांकि इसे औपचारिक तौर पर एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन राजनीति में ऐसी मुलाकातों के गहरे अर्थ निकाले जाते हैं।
ये भी पढ़ें- प्रतियोगी तैयारी की शुरुआत, छत्रपति संभाजीनगर मनपा की पहल, 1304 छात्रों ने दी स्मार्ट स्टूडेंट परीक्षा
Uddhav Thackeray On Operation Tiger (डिजाइन फोटो)
इसी Political Realignment in Maharashtra के बीच परभणी सांसद संजय जाधव ने भी दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि जाधव ने स्पष्ट किया कि उनकी यह भेंट आगामी जनगणना में खानाबदोश और आदिवासी समुदायों के लिए अलग प्रावधान की मांग को लेकर थी, लेकिन ‘मातोश्री’ की बैठक से उनकी दूरी और शाह से उनकी निकटता किसी बड़ी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा कर रही है।
जैसे-जैसे Expanding Influence of Eknath Shinde बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उद्धव ठाकरे के लिए अपने कुनबे को एकजुट रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। संजय राउत द्वारा भाजपा में 50 विधायकों के जाने की भविष्यवाणी के विपरीत, जमीनी हकीकत में ठाकरे के अपने ही सांसद शिंदे गुट के नेताओं के साथ मेल-मिलाप बढ़ा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या यह केवल ‘डिनर’ तक सीमित है या आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में कोई बड़ा राजनीतिक विस्फोट होने वाला है।