gig workers social security (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को श्रमिकों से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। राज्य के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने एनटीसी मिल कामगारों के बकाया वेतन और गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा को लेकर सदन में अहम घोषणाएं कीं।
विधानसभा सदस्य ज्योती गायकवाड ने मुंबई स्थित राष्ट्रीय वस्त्रोद्योग निगम (एनटीसी) की मिलों में कार्यरत मजदूरों के बकाया वेतन का मुद्दा उठाया। श्रम मंत्री फुंडकर ने स्पष्ट किया कि मामला मूलतः केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन राज्य सरकार इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगी।
मंत्री फुंडकर ने कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनका बकाया वेतन सहित सभी देय राशि समय पर दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय श्रम विभाग के उप मुख्य आयुक्त स्तर पर राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ और प्रबंधन के बीच समझौते के प्रयास जारी हैं। सुनवाई की तारीखें तय हो चुकी हैं और जल्द निर्णय की उम्मीद है। इस चर्चा में सदस्य संजय केलकर और दिलीप लांडे ने भी भाग लिया।
सदस्य हेमंत ओगले ने राज्य के गिग कामगारों के लिए पंजीकरण, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रश्न उठाया। इस पर मंत्री फुंडकर ने बताया कि केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 पारित कर इसे 21 नवंबर 2025 से लागू किया है।
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इस संहिता में पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल की स्थापना होगी, जिसके माध्यम से मजदूरों को जीवन व दिव्यांगता बीमा, स्वास्थ्य व मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा और शिक्षा सहायता जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
राज्य स्तर पर भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए अलग मंडल बनाने का प्रावधान किया गया है। महाराष्ट्र में इसके लिए स्वतंत्र कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस चर्चा में सदस्य राहुल पाटील और अतुल भातखलकर ने भी भाग लिया।