- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Norway Glowing Blankets For Homeless Hit And Run Safety
‘काश ऐसा मुंबई में भी होता’, नॉर्वे में हिट एंड रन से बचाव के लिए बेघरों को बांटे गए ग्लोइंग ब्लैंकेट
Norway Glowing Blanket for Homeless: नार्वे में बेघरों को हिट एंड रन से बचाने के लिए ग्लोइंग ब्लैंकेट बांटे गए हैं। मुंबई में भी सड़क सुरक्षा के लिए इस तकनीक की मांग बढ़ रही है।
- Written By: अनिल सिंह

Norway Glowing Blanket for Homeless (फोटो क्रेडिट-X)
Hit and Run Prevention Technology: नार्वे से सामने आई एक नवाचारी पहल ने सोशल मीडिया पर ‘हिट एंड रन’ (Hit and Run) की बढ़ती घटनाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। दुनिया भर में सड़क किनारे सोने वाले बेघर लोग अक्सर रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों का शिकार हो जाते हैं। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए नार्वे में बेघरों को ‘ग्लोइंग ब्लैंकेट’ (Glowing Blankets) वितरित किए गए हैं। यह विशेष कंबल अंधेरे में चमकते हैं, जिससे वाहन चालकों को दूर से ही सड़क किनारे सो रहे व्यक्ति की उपस्थिति का पता चल जाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘द स्टोरी टेलर’ और फेसबुक पर ‘फैक्ट फ्यूल’ जैसे हैंडल्स द्वारा साझा की गई इस जानकारी ने मुंबईकरों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया है। मुंबई जैसे महानगर में, जहां हजारों लोग फुटपाथों पर रात गुजारते हैं, वहां इस तरह की तकनीक जीवन रक्षक साबित हो सकती है। पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है, “काश ऐसा मुंबई में भी होता”, जो शहर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जनता की चिंता को दर्शाता है।
Did u know ?
In betn kaash yeh mumbai mein hota 😶 pic.twitter.com/w9573d6m7g — TheStoryTeller (@GreenMirchiii) March 15, 2026
क्या है ग्लोइंग ब्लैंकेट की तकनीक?
ग्लोइंग ब्लैंकेट साधारण कंबलों से अलग होते हैं। इनमें रेट्रो-रिफ्लेक्टिव (Retro-reflective) सामग्री या रेडियम जैसी पट्टियों का उपयोग किया जाता है, जो वाहन की हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही तेजी से चमकने लगती हैं। नार्वे जैसे देशों में जहां सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी व अंधेरी होती हैं, वहां ये कंबल सड़क सुरक्षा के लिए एक वरदान की तरह हैं। यह तकनीक ठीक वैसी ही है जैसी सड़क पर काम करने वाले कर्मचारी ‘रेडियम जैकेट’ पहनते हैं ताकि वे ड्राइवरों को स्पष्ट दिखाई दे सकें।
सम्बंधित ख़बरें
लोकल ट्रेन में 15 घंटे तक बेहोश पड़ा रहा यात्री ! रेल पुलिस सहित किसी ने नहीं ली सुध
शिवसेना का मिशन 22 जिप-225 पंचायत समिति इलेक्शन, हर मंत्री को दी गई 2 जिलों की जिम्मेदारी
सोलर पावर से जगमग होंगे एसटी डिपो, 2.57 MW ग्रिड सोलर प्रोजेक्ट को मंज़ूरी
चालीसगांव रेल-ओवर-रेल फ्लाईओवर को मिली मंजूरी, 263.86 करोड़ रुपए होंगे खर्च, कई क्रॉसिंग से मिलेगी मुक्ति
ये भी पढ़ें- कपड़ा उतारकर युवक की पीट पीटकर हत्या, पुणे में ऑनर किलिंग! मॉब लिंचिंग में महिलाएं भी शामिल
मुंबई के लिए क्यों है इसकी आवश्यकता?
मुंबई में हिट एंड रन के मामले किसी से छिपे नहीं हैं। मानसून के दौरान या कोहरे वाली रातों में फुटपाथ पर सोने वाले लोग ड्राइवरों के लिए अदृश्य हो जाते हैं, जिससे दर्दनाक हादसे होते हैं। यदि मुंबई महानगरपालिका (BMC) या कोई गैर-सरकारी संगठन (NGO) नार्वे की तर्ज पर इन ‘रिफ्लेक्टिव कंबलों’ का वितरण करता है, तो हताहतों की संख्या में भारी कमी लाई जा सकती है। यह तकनीक न केवल सस्ती है, बल्कि इसे लागू करना भी बेहद आसान है।
सोशल मीडिया पर ‘मुंबई मॉडल’ की मांग
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद मुंबई के नेटिज़न्स लगातार प्रशासन को टैग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानवीय सुरक्षा के ऐसे छोटे लेकिन प्रभावी उपायों पर भी ध्यान देना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, “मुंबई में फुटपाथों पर रहने वालों के लिए यह कंबल किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं होंगे।” हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कंबल बांटने के साथ-साथ बेघरों के लिए रैन बसेरों (Shelter Homes) की संख्या बढ़ाना ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
Norway glowing blankets for homeless hit and run safety
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मोबाइल में छुपा खतरा, मिडिल क्लास के पैसे और डेटा पर साइबर अटैक, ऐसे बचाएं खुद को
Apr 23, 2026 | 03:07 AMAaj Ka Rashifal 23 April: गुरुवार को इन 3 राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा, जानें किसे रहना होगा सतर्क?
Apr 23, 2026 | 12:05 AMIPL 2026: राजस्थान रॉयल्स का धमाका, 160 रन का टारगेट सफलतापूर्वक किया डिफेंड, पॉइंट्स टेबल में लगाई लंबी छलांग
Apr 23, 2026 | 12:04 AMLSG vs RR: राजस्थान के गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन, लखनऊ को नहीं बनाने दिए 159 रन, जोफ्रा आर्चर ने लिए 3 विकेट
Apr 22, 2026 | 11:18 PM‘4 मई को बंगाल में मौजूद रहें..’, अभिषेक बनर्जी की चुनौती पर धर्मेंद्र प्रधान ने दिया करारा जवाब
Apr 22, 2026 | 11:02 PM‘मेरे दुश्मनों के साथ भी ऐसा न हो’, पहलगाम हमले की बरसी पर शुभम की पत्नी की बातें झकझोर देंगी
Apr 22, 2026 | 10:56 PMक्रिकेट जगत में सनसनी: कोच पर हमले और हत्या के प्रयास में 3 क्रिकेटर सस्पेंड, तत्काल प्रभाव से हुई कार्रवाई
Apr 22, 2026 | 10:55 PMवीडियो गैलरी

केदारनाथ में सिस्टम शर्मसार! पिता के शव के साथ धूप में बिलखता रहा बेटा, डीएम ने नहीं दिया हेलीकॉप्टर
Apr 22, 2026 | 10:46 PM
अखिलेश यादव की दिवंगत मां पर टिप्पणी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने चप्पलों से पीटी मेयर की नेमप्लेट, देखें VIDEO
Apr 22, 2026 | 10:37 PM
ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़? ‘राजा शिवाजी’ ट्रेलर में ‘वाघ नख’ वाले इस सीन को देख मचा बवाल
Apr 22, 2026 | 10:37 PM
PM मोदी को आतंकवादी कहने पर भड़की BJP, कांग्रेस के खिलाफ खोला मोर्चा, खरगे-राहुल पर जमकर साधा निशाना
Apr 22, 2026 | 02:01 PM
राम नाम से चिढ़ती हैं ममता दीदी! बंगाल चुनाव में CM योगी का ‘राम मंदिर’ कार्ड, बोले- अब UP में होता है उत्सव
Apr 22, 2026 | 01:46 PM
मुंबई में ट्रैफिक जाम देख भड़की महिला, BJP मंत्री गिरीश महाजन को सरेआम कहा ‘गेट आउट’, देखें VIDEO
Apr 22, 2026 | 11:31 AM














