NEET-UG 2026 Paper Leak में पुणे कनेक्शन का हुआ भंडाफोड़, CBI जांच में बड़े नेटवर्क का खुलासा
NEET-UG 2026 Paper Leak मामले में CBI जांच के दौरान पुणे से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। प्रोफेसरों और बिचौलियों के जरिए परीक्षा के सवाल टेलीग्राम तक पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
NEET UG 2026 पेपर लीक (सौ. सोशल मीडिया )
NEET UG 2026 Paper Leak Pune: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच में एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। इसके केंद्र में महाराष्ट्र का पुणे है। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, पेपर लीक कई चरणों में हुआ।
जांच में सामने आया कि सवाल और उत्तर परीक्षा प्रणाली के अंदर से बाहर निकाले गए और फिर अलग-अलग लोगों तक पहुंचाए गए। सीबीआई के मुताबिक, पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मांढरे परीक्षा प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञ के तौर पर जुड़ी थीं।
उनकी बॉटनी और जूलॉजी के गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच थी। मनीषा मांढरे की रविवार को दिल्ली कोर्ट से 14 दिन की सीबीआई कस्टडी मिली। इसके अलावा मनीषा वाघमारे और प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी सीबीआई रिमांड पर हैं।
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प्रोफेसरों और बिचौलियों में संबंध
जांच में रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी का भी अहम किरदार है। सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि मनीषा मांढरे और पुणे की ही मनीषा वाघमारे के बीच करीबी संपर्क था। दोनों एक ही सोसाइटी में रहती है। मनीषा मांढरे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे आपस में साजिश के तहत काम कर रहे थे। इन्होंने ही लीक प्रश्नपत्र शुभम खैरनार तक पहुंचाए।
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टेलीग्राम तक पहुंचा ‘गेस पेपर’
सीबीआई को शक है कि शुभम खैरनार ने यह ‘गेस पेपर’ आरोपी यश यादव तक पहुंचाया। जांच के मुताबिक, यश यादव ने 29 अप्रैल को परीक्षा से 4 दिन पहले फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नपत्र पीडीएफ फॉर्मेट में टेलीग्राम पर शेयर किए, सीबीआई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही है।
