

Highlights:
महाराष्ट्र एनसीसी की दो नेवल यूनिट के कैडेट्स ने 250 किलोमीटर का नौकायन अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
रत्नागिरि से पालशेत और वापस रत्नागिरि तक 10 दिनों का कठिन समुद्री सफर तय किया।
नुक्कड़ नाटकों के जरिए एक हजार से अधिक लोगों को शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बाल श्रम उन्मूलन पर जागरूक किया।
Konkan Gyan Tarang Campaign: राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी की दो महाराष्ट्र नेवल यूनिट ने अरब सागर की उफनती लहरों पर अपना साहसिक नौकायन अभियान सफलता के साथ पूरा कर लिया है। मोस्ट एंटरप्राइजिंग नेवल यूनिट 27 अभियान दल का 31 अक्टूबर को रत्नागिरि बंदरगाह पर फ्लैग इन समारोह के साथ भव्य स्वागत किया गया।
कोंकण ज्ञान तरंग अभियान के तहत निकली इस यात्रा में जांबाज कैडेट्स ने रत्नागिरि से पालशेत और फिर वहां से वापसी तक लगभग 250 किलोमीटर का कठिन समुद्री सफर तय किया। इस अभियान ने न केवल युवाओं के अदम्य साहस को साबित किया, बल्कि तटीय इलाकों में सामाजिक बदलाव की अलख भी जगाई, कैडेट्स ने 27 फीट की तीन डीके व्हेलर नौकाओं से अरब सागर की तेज हवाओं और ज्वारभाटा के बीच यह कठिन सफर पूरा किया।
लगातार चप्पू चलाने के इस मिशन में अद्भुत अनुशासन और कौशल दिखाते हुए दल ने आदर्श कोंकण के निर्माण का ध्येय साधा। साथ ही, विभिन्न पड़ावों पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए एक हजार से अधिक लोगों को समान शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बाल श्रम उन्मूलन जैसे मुद्दों पर जागरूक भी किया, कैडेट्स ने रियल बनाम रील सत्र के जरिए युवाओं को डिजिटल स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और तार्किक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही, अपनी शारीरिक व मानसिक मजबूती साबित करते हुए 350 फीट ऊंची चट्टान से रैपलिंग की और कयाकिंग व पैरासेलिंग जैसे आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स का कड़ा प्रशिक्षण भी पूरा किया।
समारोह के दौरान कोल्हापुर ग्रुप एनसीसी के ग्रुप कमाडर ने जांबाजों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि खुली समुद्री लहरों के बीच डीके व्हेलर नौकाओं से 250 किलोमीटर की यात्रा पूरी करना कैडेट्स के धैर्य, अनुशासन और टीम भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है।उन्होंने कहा कि दस दिनों तक चले इस कड़े अभियान के दौरान कैडेट्स की उच्च कार्यकुशलता, तकनीकी महारत और बुलंद हौसले ने राष्ट्रीय कैडेट कोर की गौरवशाली परंपरा को और समृद्ध किया है।
मुंबई। भूमध्य सागर में तैनात भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल 31 अक्टूबर को ग्रीस के सौदा वे बंदरगाह पर पहुंचा, जहां इसका जोरदार तरीके से स्वागत हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसेना और ग्रीस की हेलेनिक नौसेना के बीच समुद्री सहयोग और रणनीतिक रिश्तों को और अधिक मजबूत करना है। बंदरगाह पर रुकने के दौरान जहाज का दल ग्रीस की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और एथेंस स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेगा।
इस दौरान दोनों देशों के नौसैनिक पेशेवर चर्चाओं, एक-दूसरे के जहाजों के भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही भारतीय दल सौदा बे स्थित नौसैनिक सहायता केंद्र और नाटो के समुद्री इंटरडिक्शन ऑपरेशनल ट्रेनिंग सेंटर की कार्यप्रणाली का जायजा भी लेगा। सौदा बे प्रवास के दौरान भारतीय नौसैनिक सौदा बे युद्ध स्मारक पर जाकर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस यात्रा से भारत और ग्रीस के बीच नौसैनिक तालमेल और पेशेवर संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी।