

टाय संभाजीनगर चैप्टर ने उद्यमिता और कारोबार विस्तार पर विशेष संवाद आयोजित किया।
टाय ग्लोबल के पूर्व अध्यक्ष बौजे अरुण ने भारतीय समस्याओं के अनुरूप समाधान विकसित करने पर जोर दिया।
अमृता गंगोत्रा ने नेतृत्व, जोखिम उठाने और दीर्घकालीन कारोबार विकास पर विचार रखे।
शिक्षा, नेटवर्किंग, मार्गदर्शन, वित्तपोषण और इन्क्यूबेशन को उद्यमिता के प्रमुख आधारस्तंभ बताया गया।
कार्यक्रम में करीब 50 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
TiE Global Sambhajinagar entrepreneurship leadership event: टाय संभाजीनगर चैप्टर के विशेष संवाद में उद्यमियों को भारतीय समस्याओं के अनुरूप नए कारोबारी समाधान विकसित करने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और दीर्घकालीन विकास पर ध्यान देने की सलाह दी गई। टाय ग्लोबल के पूर्व अध्यक्ष बौजे अरुण और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की स्वतंत्र निदेशक अमृता गंगोत्रा ने उद्यमिता, नेतृत्व, निवेश और महिला सशक्तिकरण पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में 50 उद्यमियों ने भाग लिया।
छत्रपति संभाजीनगर, भारतीय उद्यमियों को पश्चिमी देशों के कारोबारी मॉडल की नकल करने के बजाय देश की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके लिए नए और प्रभावी समाधान विकसित करने चाहिए। कारोबार का विस्तार भी चरणबद्ध तरीके से करना जरूरी है। यह विचार टाय ग्लोबल के पूर्व अध्यक्ष बौजे अरुण ने व्यक्त किए।
टाय संभाजीनगर चैप्टर की ओर से बौजे अरुण और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की स्वतंत्र निदेशक अमृता गंगोत्रा के साथ विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें उद्यमिता, नेतृत्व, कारोबार विस्तार, निवेश और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में करीब 50 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
बौजे अरुण ने कहा कि उद्यमियों को केवल आर्थिक सफलता पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, बल्कि कारोबार खड़ा करने की प्रक्रिया का आनंद लेते हुए समाज के लिए योगदान देने की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उद्यमिता का विकास तभी सार्थक होगा, जब कारोबार समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में मदद करे।
उन्होंने बताया कि टाय की शुरुआत वर्ष 1994 में सिलिकॉन वैली में हुई थी। स्वयंसेवक के रूप में शुरू हुआ उनका सफर आज भी उद्यमियों को मार्गदर्शन देने और उनकी मदद करने के उद्देश्य से जुड़ा है।
अरुण के अनुसार, टाय के पांच प्रमुख आधारस्तंभ शिक्षा, नेटवर्किंग, मार्गदर्शन, वित्तपोषण और इन्क्यूबेशन हैं। उद्यमियों को इस वैश्विक नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करके अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहिए।
अमृता गंगोत्रा ने प्रौद्योगिकी और कॉरपोरेट क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव के आधार पर नेतृत्व, कारोबार की वृद्धि और महिला सशक्तिकरण पर विचार रखे। उन्होंने नेस्ले, एयरटेल और वोडाफोन जैसी कंपनियों में काम करने के अनुभव साझा किए। 32 वर्षों की कॉरपोरेट यात्रा के बाद उद्यमिता की ओर अपने रुख के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, जोखिम उठाने की क्षमता विकसित करने और कारोबार के दीर्घकालीन विकास की योजना बनाने की जरूरत है। केवल तात्कालिक समाधान तलाशने के बजाय ऐसे टिकाऊ व्यवसाय स्थापित किए जाने चाहिए, जिनका प्रभाव बड़े स्तर पर दिखाई दे।
संवाद में कारोबार के क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और महिलाओं की भागीदारी को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने उद्यमियों को नए अवसरों की पहचान करने, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग का लाभ उठाने तथा अपने कारोबार को स्थायी आधार पर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।