कामोठे-खारघर में जल संकट पर सवाल: मोरबे डैम में पानी भरपूर, फिर भी नवी मुंबई के कई इलाकों में समस्या
Morbe Dam में पर्याप्त पानी होने के बावजूद नवी मुंबई के कई क्षेत्रों में जल संकट बना हुआ है। आपूर्ति में असंतुलन को लेकर सरकार और एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी सामने आई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मोरबे डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Navi Mumbai Water Crisis: मोरबे डैम में पानी का स्तर पर्याप्त होने के बावजूद, सिडको के कई नोड को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कामोठे, खारघर, कलंबोली और नई कॉलोनियों में पानी की कमी जैसी स्थिति बन गई है।
खास बात यह है कि नवी मुंबई शहर को रेगुलर पानी की सप्लाई के बावजूद डैम में बड़ा स्टोरेज बना हुआ है, लेकिन कामोठे, खारघर तथा पनवेल मनपा की सीमा में रहने वाले लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से लोग खासे नाराज हैं।
पनवेल मनपा की सीमा में पेयजल संकट का मुद्दा राज्य के बजट सेशन में एक बार फिर उठा। विधायक प्रशांत ठाकुर द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए, शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने साफ तौर पर कहा कि इस मुद्दे का आखिरी हल निकालने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।
सम्बंधित ख़बरें
ठाणे टीडीआर विवाद गरमाया, आव्हाड बोले- 2,800 करोड़ नहीं, 4,000 करोड़ की जमीन का मामला
वीआईपी कार्यक्रमों की फूड टेस्टिंग ड्यूटी पर एफडीए अधिकारियों की नाराजगी, पूछा- ‘क्या हम गिनी पिग हैं?’
भंडारा जिले में आकाशीय बिजली का कहर, पवनी और तुमसर में दो किसानों की दर्दनाक मौत, दो अन्य व्यक्ति गंभीर झुलसे
मुंबई में बम धमाके की धमकी के बाद हाई अलर्ट, दिल्ली कंट्रोल रूम में आए फोन कॉल से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
बांध में अभी भी मौजूद है 515 एमएलडी पानी
- अभी, नवी मुंबई मनपा के पास मोरबे डैम से करीब 515 एमएलडी पानी प्रतिदिन सप्लाई करने के लिए मौजूद है।
- जबकि नवी मुंबई को असल जरूरत करीब 415 एमएलडी है, इसलिए करीब 100 एमएलडी पानी सरप्लस रहता है।
- ऐसे में, असेंबली में यह साफ हो गया था कि सिडको द्वारा मांगा गया 90 एमएलडी पानी देना टेक्निकली मुमकिन है, लेकिन, असल सप्लाई सिर्फ 59 एमएलडी तक ही सीमित रही है। नतीजतन, हर दिन शिकायतें बढ़ रही है क्योंकि कामोठे, खारघर और नई डेवलप हुई कॉलोनियों में सप्लाई नहीं हो रही है।
उम्मीद के अनुरूप मनपा से नहीं मिल रहा पानी
- पता हो कि सिडको ने मोरबे डैम को बनाने में 108 करोड़ रुपये खर्च किए थे, शुरू में यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र लाइफ अथॉरिटी के पास था।
- लेकिन, 2002 में राज्य सरकार ने डैम को नवी मुंबई मनपा को ट्रांसफर, करने की इजाजत दे दी।
- उसके बाद डैम से पानी के डिस्ट्रीब्यूशन का कंट्रोल मनपा को ट्रांसफर कर दिया गया।
- पिछले 19 सालों से यह शिकायत चल रही है कि आर्थिक हिस्सेदारी होने के बावजूद सिडको को पानी का उम्मीद के मुताबिक हिस्सा नहीं मिला।
ये भी पढ़ें :- मुंबई-पुणे हाईवे पर तीर्थयात्रियों को मिली राहत, एकवीरा देवी यात्रा के लिए सांसद के लेटर पर 3 दिन टोल फ्री
यह बहुत बुरा और गलत है को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है, जबकि मोरबे डैम में काफी पानी है। नवी मुंबई में जरूरत से ज्यादा पानी है, जबकि कामोठे, खारघर, कलंबोली जैसे इलाको के लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर तुरंत कोई पक्का फैसला लेने की जरूरत है, और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सिडको, मनपा और राज्य सरकार के बीच तालमेल बिठाकर लोगों को राहत दे।
– प्रशांत ठाकुर, विधायक, पनवेल
