नवी मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मडिया)
Navi Mumbai Construction Ban: नवी मुंबई में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। जीआरएपी-4 (GRAP-4) लागू होने के बाद, महानगरपालिका ने निर्माण स्थलों पर छापेमारी की। इस दौरान वायु प्रदूषण फैलाने वाली 19 साइटों को बंद करने का आदेश दिया गया और कई कंपनियों पर कार्रवाई की गई है।
नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) ने शहर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना लागू की है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (GRAP) के चौथे चरण के तहत संचालित की गई है। जिन निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से अधिक पाया गया, वहां नगर निकाय ने तत्काल प्रभाव से ‘काम बंद करो’ (Stop Work) के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का मानना है कि निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल हवा को जहरीली बना रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर नवी मुंबई महानगरपालिका बेहद गंभीर रुख अपना रही है। नगर निकाय द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, नियमों की अनदेखी करने वाली 173 कंपनियों को जुर्माना नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 10 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए हैं, ताकि उनकी लापरवाही पर जवाबदेही तय की जा सके। इस प्रवर्तन अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सिविल इंजीनियरों, स्वच्छता अधिकारियों और नगर नियोजन अधिकारियों के विशेष उड़न दस्तों (Flying Squads) का गठन किया है। ये टीमें लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर औचक निरीक्षण कर रही हैं।
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अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर धूल को हवा में मिलने से रोकने के लिए उचित सुरक्षा घेरा और पानी का छिड़काव जैसे उपाय अनिवार्य हैं। जिन 19 स्थानों पर काम रोका गया है, वहां तब तक दोबारा काम शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक वे प्रदूषण मानकों को पूरी तरह पूरा नहीं करते। उड़न दस्तों की निगरानी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विकास एजेंसी या ठेकेदार तय दिशा-निर्देशों की अनदेखी न करे।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नवी मुंबई जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में निर्माण गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनस्वास्थ्य की कीमत पर नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में प्रदूषण की स्थिति के आधार पर ये पाबंदियां और भी सख्त की जा सकती हैं।