देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra MCOCA on Drug Trafficking: महाराष्ट्र में ड्रग्स तस्करी पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अब ड्रग्स तस्करी में शामिल कूरियर कंपनियों पर भी मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग्स की होम डिलीवरी में शामिल पाए जाने पर कूरियर कंपनियों और उनसे सम्बंधित लोगों को सह-आरोपी बनाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने साफ तौर से कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और इसमें शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बारे में जल्द ही कानूनी बदलाव के लिए फैसला लिया जाएगा। मकोका के तहत कार्रवाई करने से इस सिंडिकेट में शामिल लोगों के बीच कड़ा संदेश जाएगा। इस कानून में आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का कड़ा प्रावधान है।
There is a provision to seize the assets of drug traffickers under ‘MCOCA’! 'मकोका'अंतर्गत अमली पदार्थ विक्रेत्यांची संपत्ती जप्त करण्याचा अधिकार आहे. (विधानसभा, मुंबई | दि. 24 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai #MahaBudget2026 pic.twitter.com/Qhij7nr08M — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 24, 2026
आमतौर से एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत पर बाहर आकर आरोपी फिर से ड्रग्स तस्करी के धंधे में सक्रिय हो जाता है लेकिन मकोका के तहत गिरफ्तार होने के बाद जमानत मिलना बेहद मुश्किल होता है। इससे अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
फडणवीस ने कहा कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम युवाओं को नशे के दलदल से बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे हाल के वर्षों में ड्रग्स के आर्डर के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें इंस्टाग्राम एक बड़े बाजार के तौर पर उभर कर सामने आया है। हमारी पुलिस इस सिंडिकेट में शामिल लोगों की कड़ी निगरानी कर रही है।
पुणे और मुंबई की सीमा पर स्थित मावल तहसील में चल रहे कथित लेडीज डांस बार का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। चिंचवड से भाजपा विधायक शंकर जगताप ने इस विषय पर तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से जवाब मांगा था।
विधायक मनोज जामसुतकर, रणधीर सावरकर और विजय देशमुख सहित कई अन्य सदस्यों ने मुंबई और सोलापुर में नियमों का उल्लंघन कर चल रहे ऑर्केस्ट्रा और डांस बार के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।
इन सवालों के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस आयुक्तालय की सीमा में कोई भी ऑर्केस्ट्रा बार नियमों का उल्लंघन कर तड़के चार बजे तक संचालित नहीं हो रहा है। विधायकों ने यह भी आशंका जताई थी कि मुंबई के बार में तय सीमा से कहीं अधिक संख्या में महिलाएं काम कर रही हैं और मावल क्षेत्र में अवैध डांस बार चल रहे हैं।
इसके साथ ही सोलापुर के कंदलगांव में 31 दिसंबर 2025 को हुई पुलिस छापेमारी का भी जिक्र किया गया था, जिसमें 56 लाख का माल जब्त कर 70 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। सीएम ने स्पष्ट किया कि मावल में कोई डांस बार नहीं है, बल्कि वहां लाइसेंस प्राप्त ऑर्केस्ट्रा बार संचालित है।
सीएम ने कहा कि यदि ऑर्केस्ट्रा बार लगातार नियमों को तोड़ते हैं तो उनका लाइसेंस कैंसल कर दिया जाएगा। महाराष्ट्र ने पहले डांस बार पर बैन लगाने वाला कानून बनाया था। लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट में टिक नहीं पाया और उसे गैर-कानूनी माना गया।
कोर्ट ने महिलाओं को बार में काम करने की इजाजत दी लेकिन नियमों को और सख्त बना दिया। मुंबई और नवी मुबई के कुछ इलाकों से अभी भी नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिल रही है। सरकार का इरादा डास बार को पूरी तरह बंद करना था लेकिन बार मालिकों ने आर्केस्ट्रा लाइसेंस के लिए अप्लाई कर दिया। इसकी आड़ में गलत काम किए जा रहे है, जिस पर नकेल कसना जरूरी है।
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सीएम ने बताया कि ड्रग्स तस्करी में शामिल पुलिसकर्मियों को किसी प्रकार की रियायत नहीं मिलेगी। जो भी पुलिसकर्मी – इस अवैध धंधे में लिप्त पाया जाएगा, उसे सरकारी सेवा से वर्खास्त कर दिया जाएगा।