Narhari Zirwal Cyber Investigation (डिजाइन फोटो)
Narhari Zirwal Investigation: महाराष्ट्र की राजनीति में नरहरी झिरवाल का मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े कानूनी और राजनीतिक युद्ध में तब्दील हो चुका है। पुलिस की साइबर सेल और एनसीपी (अजीत पवार गुट) की आंतरिक कमेटियां इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
यहाँ इस मामले से जुड़ी नवीनतम तकनीकी जांच और पार्टी के भीतर की हलचल का विस्तृत विवरण दिया गया है:
मुंबई और नासिक पुलिस की साइबर टीमें इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही हैं। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
मेटाडाटा विश्लेषण: विशेषज्ञ यह पता लगा रहे हैं कि वीडियो मूल रूप से कब और किस उपकरण (Device) से रिकॉर्ड किया गया था। क्या इसे एडिट किया गया है या इसमें ‘लिप-सिंक’ (Lip-sync) तकनीक का गलत इस्तेमाल हुआ है?
डीपफेक (Deepfake) का संदेह: मंत्री के समर्थकों का दावा है कि एआई (AI) टूल का उपयोग करके झिरवाल का चेहरा किसी और के शरीर पर आरोपित किया गया है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार है जो यह स्पष्ट करेगी कि वीडियो ‘डॉक्टर्ड’ है या नहीं।
लोकेशन ट्रैकिंग: वीडियो में दिख रहे बैकग्राउंड (फर्नीचर और पेंटिंग) का मिलान झिरवाल के सरकारी आवास और निजी कार्यालय से किया जा रहा है ताकि घटना स्थल की पुष्टि हो सके।
ये भी पढ़ें- मेड ने शारीरिक संबंध बनाने से किया इनकार तो कर दिया कत्ल, मीरा रोड हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस उन कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स की भी जांच कर रही है, जिनमें कथित तौर पर मंत्री नरहरी झिरवाल से पैसे या राजनीतिक पद (MLC सीट) की मांग की गई थी। सूत्रों के अनुसार, उस ट्रांसजेंडर व्यक्ति के पिछले रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या उसने पहले भी किसी राजनेता या अधिकारी को इसी तरह के ‘हनीट्रैप’ में फँसाने की कोशिश की है।
अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए यह स्थिति काफी असहज है, खासकर तब जब चुनाव नजदीक हैं।
आंतरिक बैठक: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस मामले पर वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बंद कमरे में चर्चा की है। पार्टी फिलहाल झिरवाल के साथ खड़ी है और इसे विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित ‘कैरेक्टर असेसिनेशन’ (चरित्र हनन) का प्रयास बता रही है।
अनुशासनात्मक समिति: पार्टी ने एक अनौपचारिक आंतरिक समिति बनाई है जो झिरवाल से विस्तृत स्पष्टीकरण लेगी। यदि फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीडियो सही पाया जाता है, तो पार्टी अपनी छवि बचाने के लिए झिरवाल से इस्तीफा मांग सकती है।
काउंटर-अटैक की रणनीति: पार्टी के प्रवक्ता अमोल मिटकरी ने इसे “गंदी राजनीति” करार दिया है और दावा किया है कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे निजी जीवन पर हमला कर रहे हैं।