UBT को बताया उलेमा बचाव टोली, उद्धव के बाबर जनता पार्टी वाले तंज पर नरेश म्हस्के का पलटवार
Uddhav Thackeray Ulema Bachao Toli: उद्धव ठाकरे के 'बाबर जनता पार्टी' वाले बयान पर शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने पलटवार करते हुए यूबीटी को 'उलेमा बचाव टोली' कहा।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे और नरेश म्हस्के (फोटो क्रेडिट-X)
Uddhav Thackeray Babar Remark: महाराष्ट्र की सियासत में ‘बाबर’ और ‘हिंदुत्व’ के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर बेहद तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर किए गए एक पुराने और विवादित तंज पर अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है।
ठाणे से शिवसेना सांसद और वरिष्ठ नेता नरेश म्हस्के ने सोमवार 13 जुलाई को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे को उनके बयानों के लिए आड़े हाथों लेते हुए ‘UBT’ का एक नया नामकरण कर दिया और इसे ‘उलेमा बचाव टोली’ करार दे दिया, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में नया उबाल आ गया है।
उद्धव ठाकरे के ‘बाबर जनता पार्टी’ वाले बयान पर था विवाद
इस पूरे नए सियासी घमासान की जड़ें पिछले महीने 28 जून को परभणी में आयोजित उद्धव ठाकरे की जनसभा से जुड़ी हैं। उस रैली में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए उसे ‘बाबर की औलाद’ और ‘बाबर जनता पार्टी‘ कहा था। ठाकरे ने आरोप लगाया था कि जिस तरह विदेशी आक्रांता बाबर ने मंदिरों को तोड़ा था, ठीक उसी तरह वर्तमान बीजेपी सरकार भी मंदिरों को लूटने का काम कर रही है। उद्धव ठाकरे की इस बेहद तल्ख टिप्पणी के बाद से ही बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के भीतर भारी आक्रोश देखा जा रहा था।
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राम कदम और मनीषा कायंदे ने याद दिलाया पुराना गठबंधन
नरेश म्हस्के के पलटवार से पहले मुंबई में बीजेपी विधायक राम कदम ने भी उद्धव ठाकरे की राजनीतिक हताशा पर तीखा प्रहार किया। राम कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे आज उन दलों के साथ राजनीतिक गठबंधन करके सत्ता सुख भोग चुके हैं जिन्होंने कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व को ही काल्पनिक बताया था और राम मंदिर निर्माण की राह में कानूनी अड़चनें खड़ी की थीं। वहीं शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (MLC) मनीषा कायंदे ने भी ठाकरे की भाषा को पूरी तरह अमर्यादित और राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक बताया।
जायसवाल बोले, राजनीतिक रूप से खत्म हो चुके हैं उद्धव
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संजय जायसवाल ने तो उद्धव ठाकरे के इस पूरे बयान को मीडिया और जनता द्वारा पूरी तरह खारिज किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे आज की व्यावहारिक राजनीति में अपना वजूद और अपने अधिकांश बड़े नेताओं का साथ खो चुके हैं, जिसके कारण वे केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। महायुति के नेताओं ने साफ किया कि पालघर में संतों की हत्या के समय चुप्पी साधने वाले और अपने शासनकाल में मंदिरों को बंद रखने वाले उद्धव ठाकरे को बीजेपी को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
