'जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं'... नागपुर में एकनाथ शिंदे का विपक्ष पर बड़ा हमला

Nagpur Ram Mandir Politics: नागपुर में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर का विरोध करते थे, वे आज रामरक्षा का पाठ कर रहे हैं।
'He who does not belong to Ram is of no use'... Eknath Shinde's scathing attack on the opposition in Nagpur.
एकनाथ शिंदे,(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nagpur Shinde Targets Uddhav Thackeray: अयोध्या में राम मंदिर का पहले विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए डीसीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर की आलोचना करते थे, वे आज रामरक्षा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हनुमान चालीसा पढ़ने वालों को जेल भेजते थे, वही आज रामरक्षा का जाप कर रहे हैं।

यह सबसे बड़ा विरोधाभास है। वे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर वार कर रहे थे। नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने ठाकरे को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा सजा दिए जाने के बाद अब उन्हें रामरक्षा की याद आई है।

यह देर से आई समझदारी है। उन्होंने कहा, जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं। शिंदे ने कहा कि जिस तरह टी-शर्ट बदली जाती है, उसी तरह हिंदुत्व की विचारधारा नहीं बदली जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने जब बालासाहब ठाकरे के विचारों को छोड़ा, तभी उनका वास्तविक हिंदुत्व सामने आ गया था।

अच्छे कार्यों की सराहना करने वाले नेता हैं पवार

शिंदे ने कहा कि शरद पवार अच्छे कार्यों की सराहना करने वाले नेता हैं। विपक्ष के कुछ नेता सरकार के अच्छे कार्यों की भी आलोचना करते हैं और 'झूठ बोलो, लगातार बोलो' की नीति पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शरद पवार ने ही उचित जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का विस्तार करते समय विभिन्न राजनीतिक समीकरणों का ध्यान में रखना पड़ता है और संगठन की मजबूती के लिए आवश्यक निर्णय लेने पड़ते हैं। हालांकि, पुराने कार्यकर्ताओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिवसेना अपने वचन का पालन करने वाली पार्टी है और सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित समय पर अवसर दिया जाएगा।

मंदिर मामले की जांच हो

एकनाथ शिंदे ने सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए सिद्धिविनायक मंदिर में कथित अनियमितताओं की जांच क्यों नहीं कराई गई, उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया और उसके उद्घाटन की तिथि भी निर्धारित की। राम मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच जारी है। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

किसानों के साथ है सरकार

डीसीएम ने कहा कि महायुति सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और राज्य के खजाने पर सबसे पहला अधिकार किसानों का है। कर्जमाफी योजना में 50,000 की शर्ते हटाए जाने से लाखों किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ होगा। यह निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। महायुति ने किसानों के हित को प्राथमिकता दी है और कर्जमाफी के इस फैसले से बड़ी संख्या में किसान आर्थिक संकट से बाहर निकल सकेंगे।

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