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नायगांव टिवरी में 1,000 करोड़ का जमीन घोटाला उजागर, बिल्डर समेत महसूल अधिकारियों पर केस

Naigaon East के टिवरी इलाके में करीब 1,000 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। नकली दस्तावेजों से जमीन बेचने के आरोप में बिल्डरों और महसूल विभाग के अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है।

  • Written By: अपूर्वा नायक
Updated On: Feb 07, 2026 | 11:37 AM

रियल एस्टेट स्कैम (सौ. सोशल मीडिया )

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Naigaon Tivri Land Scam: नायगांव पूर्व के टिवरी क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का खुलासा होने के बाद से हड़कंप मचा है। यह घोटाला नकली कागजात व अधिकार का गलत इस्तेमाल करके किया गया था।

मामले में नायगांव पुलिस में निर्माण व्यवसायी हेमंत पाटिल, धर्मेश शाह और दो अन्य मुख्य आरोपियों के साथ महसूल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मुंबई की धनश्री डेवलपर्स प्राइवेट लि। के संचालक और जाने-माने निर्माण व्यावसायिक शंकर राव बोरकर (66) ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।

उनकी शिकायत के मुताबिक, हेमंत पाटिल और धर्मेश शाह 2008 से शंकरराव बोरकर के साथ काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बोरकर व उनके बेटे का भरोसा जीत लिया। इसके बाद, शिकायत कर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मौजे टिवरी, नायगांव में 65।33 एकड़ जमीन के बारे में नकली कागजात तैयार किए और उसे गैर-कानूनी तरीके से बेच दिया।

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सरकारी सिस्टम भी जिम्मेदार

शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा है कि जमीन की 7/12 कॉपी, पंजीकृत खरीदी कागजात व करारनामा थे, लेकिन, कई सर्वे नंबर की जमीनें पुरानी और रद्द हो चुकी करारनामा व फर्जी कागजात के आधार पर एक-दूसरे को बेची गई।

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साथ ही, बोरकर की मंजूरी के बिना, उस जमीन को डीडीपीएल ग्लोबल प्रा। लि आणि युनिकॉर्न इंका एंड एस्टेट प्रा। लि। कंपनियों के नाम पर गलत तरीके से रजिस्टर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि, इस बड़े घोटाले के लिए सिर्फ प्राइवेट लोग ही नहीं, सरकारी सिस्टम भी जिम्मेदार है। शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया है कि वसई-2 रजिस्ट्रार ऑफिस के उस समय के अधिकारियों, तहसीलदारों और तलाठियों ने नियमों का उल्लंघन कर आरोपियों की मदद की।

Naigaon tivri 1000 crore land scam builder revenue officers case

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Published On: Feb 07, 2026 | 11:37 AM

Topics:  

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  • Mumbai News
  • Real Estate

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