निकाय चुनाव से पहले महायुति में घमासान, अजित पवार गुट बोला- जहां दम है, वहां अकेले लड़ेंगे चुनाव

Mumbai News: BMC समेत निकाय चुनावों से पहले महायुति में दरार साफ दिखने लगी है। अजित पवार गुट ने कहा कि जहां तक उनकी पकड़ और ताकत है वहां वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे, गठबंधन सिर्फ मजबूरी में होगा।
अजित पवार (pic credit; social media)
अजित पवार (pic credit; social media)
Published on
Updated on

Maharashtra Nikay Chunav: महाराष्ट्र की सियासत में निकाय चुनाव से पहले ही हलचल तेज हो गई है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक बीएमसी समेत सभी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक होने तय हैं और इसी पृष्ठभूमि में महायुति के भीतर ही दरार की आहट सुनाई देने लगी है।

राज्य की सत्ता में साझेदार शिवसेना शिंदे गुट और अजित पवार गुट अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं। शिंदे गुट ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि मुंबई और ठाणे में पार्टी अपने दम पर उतर सकती है। अब अजित पवार गुट ने भी महायुति को झटका देते हुए साफ किया है कि जहां उनकी पकड़ है वहां गठबंधन की कोई मजबूरी नहीं होगी।

रविवार को हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नेताओं से कहा कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला “जहां जीत की संभावना वहीं उम्मीदवार” होना चाहिए। लेकिन बैठक में यह भी चर्चा चली कि पार्टी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से मैदान में उतर सकती है।

इसी तर्ज पर अजित पवार गुट ने भी अपने तेवर दिखा दिए हैं। कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि “बड़े चुनावों में गठबंधन की मजबूरी होती है लेकिन छोटे चुनावों में कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए स्वतंत्र रूप से लड़ना सही रहेगा। इससे कार्यकर्ताओं को न्याय मिलेगा।”

अजित पवार ने हाल ही में पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में कार्यकर्ताओं से कहा था कि “स्थानीय निकाय चुनाव हर पार्टी को अपने दम पर लड़ने चाहिए। हर दल को अपनी ताकत बढ़ाने का अधिकार है। जहां गठबंधन संभव हो वहां करेंगे, लेकिन जहां जरूरी न हो वहां अकेले लड़ेंगे।”

राजनीतिक गलियारों में इसे महायुति के लिए बड़ा सिरदर्द माना जा रहा है। क्योंकि अगर शिवसेना शिंदे गुट और अजित पवार गुट दोनों ने ही स्वतंत्र राह पकड़ी तो बीएमसी चुनाव समेत कई नगरपालिकाओं में बीजेपी का समीकरण गड़बड़ा सकता है।

निकाय चुनावों की घोषणा नवंबर में होने की संभावना है और जनवरी के अंत तक मतदान कराए जाएंगे। उससे पहले ही महायुति में सीटों को लेकर तकरार तेज हो चुकी है। अब देखना होगा कि बीजेपी इस भीतरखाने के बवाल को कैसे थामती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com